सलीम कुमार के निधन पर PM मोदी ने जताया दुख, कहा — बहुमुखी प्रतिभा से बनाई अमिट पहचान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 7 जून को मलयालम सिनेमा के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता सलीम कुमार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मोदी ने कहा कि सलीम कुमार ने अपने शानदार करियर में बहुमुखी प्रतिभा और विविध भूमिकाओं में यादगार अभिनय के ज़रिये भारतीय सिनेमा में एक अलग और स्थायी पहचान बनाई।
PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और कई तरह की भूमिकाओं में यादगार अभिनय से अपनी अलग पहचान बनाई। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं।'
राज्यपाल और मुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने केरल राजभवन के आधिकारिक एक्स अकाउंट से जारी संदेश में सलीम कुमार के निधन पर गहरा दुख जताया और दिवंगत अभिनेता के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि सलीम कुमार ने मिमिक्री कलाकार के रूप में अपना सफर शुरू किया और बाद में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता बनकर सिनेमा जगत में अपनी विशेष जगह बनाई। विजयन ने कहा कि उनकी प्रतिभा, बहुमुखी अभिनय और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
विपक्ष और केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि अभिनेता, हास्य कलाकार, लेखक और निर्देशक के रूप में सलीम कुमार ने अपनी असाधारण प्रतिभा से लाखों लोगों के जीवन में खुशी और गर्मजोशी भरी, और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने उन्हें एक महान कलाकार बताते हुए कहा कि अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से उन्होंने पीढ़ियों तक मलयाली दर्शकों को हंसाया, जबकि गंभीर भूमिकाओं में भी उन्होंने अमिट छाप छोड़ी। कोच्चि में केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने सलीम कुमार के पार्थिव शरीर के दर्शन कर उन्हें अंतिम सम्मान दिया।
सलीम कुमार की विरासत
सलीम कुमार ने मलयालम सिनेमा में लगभग तीन दशकों तक अपना योगदान दिया। कॉमिक भूमिकाओं के साथ-साथ गंभीर किरदारों में भी उनके अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों की समान रूप से प्रशंसा बटोरी। फ़िल्म 'आदामिंटे मकन अबू' में उनके अभिनय के लिए उन्हें प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक बहुआयामी कलाकार खो दिया है जिनकी यादगार भूमिकाएं दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगी।