दुर्गा पूजा से पहले TMC के ममता गुट ने कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर की याचिका, तीन बैंक खातों पर फंड जारी करने की मांग
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी नेतृत्व वाले गुट ने 6 अक्टूबर 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच में याचिका दायर की, जिसमें पार्टी के तीन बैंक खातों से फंड निकालने की अनुमति माँगी गई है। गुट का आरोप है कि कोर्ट द्वारा नियुक्त स्पेशल ऑफिसर सुब्रत तालुकदार दुर्गा पूजा से पहले धन निकासी की इजाज़त नहीं दे रहे, जिससे घर का किराया और कर्मचारियों की तनख्वाह तक रुकी हुई है।
मामले की पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल पुलिस ने कथित अवैध लेन-देन के आरोपों के चलते एक प्राइवेट बैंक में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के तीन खाते फ्रीज़ कर दिए थे। इसे चुनौती देते हुए ममता बनर्जी के गुट ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने उन खातों के प्रबंधन के लिए एक स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया था। 9 जुलाई 2026 को जस्टिस भट्टाचार्य ने आदेश दिया था कि ममता गुट का स्पेशल ऑफिसर के माध्यम से इन खातों पर नियंत्रण बना रहेगा, लेकिन बेतहाशा धन-निकासी पर रोक रहेगी।
मौजूदा याचिका में क्या माँगा गया
नई याचिका में गुट ने आरोप लगाया कि स्पेशल ऑफिसर ने यह जानकारी माँगी कि क्या उन्हें दिया गया नया नाम और चुनाव चिह्न केवल नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनावों के लिए था। याचिकाकर्ताओं ने इसे असंगत बताया और तर्क दिया कि इस अड़ंगेबाज़ी के कारण त्योहारी सीज़न से पहले बुनियादी परिचालन व्यय भी संभव नहीं हो पा रहा।
जस्टिस भट्टाचार्य ने याचिका स्वीकार तो की, किंतु तत्काल सुनवाई की अपील खारिज कर दी। अब त्योहारी छुट्टियों के बाद कोर्ट खुलने पर इस मामले की सुनवाई होने की संभावना है।
चुनाव आयोग का फैसला और कानूनी पेचीदगी
गौरतलब है कि भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने हाल ही में 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और पार्टी के मूल चुनाव चिह्न 'फूल और घास' दोनों को फ्रीज़ कर दिया है। इस स्थिति में राज्य सरकार के वकील ने तर्क दिया था कि खाते 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' के नाम पर होने से किसी भी गुट को उन्हें संचालित करने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
हालाँकि जस्टिस भट्टाचार्य ने इस दलील को यह कहते हुए अस्वीकार किया कि ECI का निर्णय पार्टी के नाम और चिह्न से संबंधित था और वह आयोग का अंतिम निर्णय नहीं था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी के गुट का स्पेशल ऑफिसर के माध्यम से खातों का उपयोग करने का अधिकार 29 जनवरी 2027 तक बना रहेगा।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC अंदरूनी कलह और न्यायिक जटिलताओं से जूझ रही है। नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव हो रहे हैं, जो पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं।
यह Nवीं ऐसी स्थिति है जहाँ पार्टी का आंतरिक विवाद अदालती हस्तक्षेप तक पहुँचा है, जो पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ते न्यायिक हस्तक्षेप की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
आगे की राह
त्योहारी अवकाश के बाद कोर्ट की सुनवाई में स्पेशल ऑफिसर के अधिकारों और गुट की वित्तीय ज़रूरतों के बीच संतुलन का मुद्दा केंद्र में रहेगा। मामले का अगला अध्याय यह तय करेगा कि क्या ममता गुट दुर्गा पूजा के बाद भी इन खातों पर अपनी पहुँच बरकरार रख सकता है।