ममता बनर्जी को राष्ट्रपति के प्रति माफी मांगनी चाहिए: तुहिन सिन्हा
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी की राष्ट्रपति के प्रति अनादर।
- भाजपा नेता तुहिन सिन्हा की तीखी प्रतिक्रिया।
- संविधान और परंपरा का सम्मान न करने का आरोप।
- टीएमसी की भविष्यवाणी में गिरावट।
- महुआ मोइत्रा का विवादित बयान।
मुंबई, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पर दिए गए बयान पर भाजपा नेता तुहिन सिन्हा ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को संविधान पर भरोसा नहीं है।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा नेता तुहिन सिन्हा ने कहा कि ममता बनर्जी अपने अलोकतांत्रिक और गलत व्यवहार के लिए जानी जाती हैं, लेकिन उन्होंने जो राष्ट्रपति के साथ किया, उसे भारत और बंगाल के लोग कभी नहीं भूलेंगे।
ममता बनर्जी ने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल की एक महत्वपूर्ण बैठक का समय अंतिम क्षण में बदला, जिससे संथाल समुदाय को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहां मौजूद लोगों को काफी दिक्कत हुई है। राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया। मुख्यमंत्री को राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए वहां मौजूद रहना चाहिए था, लेकिन वह नहीं थीं।
भाजपा नेता तुहिन सिन्हा ने कहा कि ममता की सोच गैर-संवैधानिक है। राष्ट्रपति पद के प्रति उनके मन में कोई सम्मान नहीं है। उन्हें संथाल समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। वह उल्टा राष्ट्रपति को दोषी ठहरा रही हैं। ममता बनर्जी को संविधान और परंपरा पर विश्वास नहीं है। ऐसे व्यक्ति का मुख्यमंत्री बने रहना राज्य और देश के लिए खतरनाक है।
लोकसभा स्पीकर के मुद्दे पर पीएम मोदी के बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि लोकसभा स्पीकर की भूमिका एक स्कूल शिक्षक की तरह होती है। एक शिक्षक उम्मीद करता है कि छात्र अनुशासित रहें और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, लेकिन राहुल गांधी एक शरारती छात्र की तरह व्यवहार करते हैं जो सोचते हैं कि वह नियम तोड़ सकते हैं। हाउस ऐसे नहीं चलता है। ओम बिरला एक उत्कृष्ट स्पीकर रहे हैं और उन्होंने सदन का संचालन कुशलता से किया है। राहुल गांधी कई मौकों पर गायब रहे हैं। विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव दिखाता है कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। देश विपक्ष की गतिविधियों को देख रहा है।
उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी की सरकार का जाना तय है, इसीलिए टीएमसी के नेताओं ने घबराहट में बेबुनियाद बयान देना शुरू कर दिया है। महुआ मोइत्रा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने एक रैली में कहा कि अगर आप भाजपा को वोट देते हैं, तो आप बंगाली नहीं हैं। महुआ मोइत्रा वही इंसान हैं जिन्होंने कथित तौर पर पैसे के लिए अपनी पार्लियामेंट्री लॉगिन डिटेल्स बेचीं थीं।