मंगला गौरी व्रत 2025: शाम के ये दीपक उपाय लाएंगे घर में सुख-समृद्धि और मां पार्वती की कृपा
सारांश
मुख्य बातें
सावन मास में मंगला गौरी व्रत को सबसे शुभ व्रतों में गिना जाता है। यह व्रत मां पार्वती को समर्पित है और विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन तथा परिवार की खुशहाली के लिए इसे रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के साथ शाम के समय कुछ सरल उपाय अपनाने से मां गौरी और भगवान शिव की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है और घर में धन, सुख तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
मुख्य द्वार पर दीपक — नकारात्मकता से रक्षा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगला गौरी व्रत की संध्या को घर के मुख्य द्वार पर घी या तिल के तेल का दीपक अवश्य जलाना चाहिए। मान्यता है कि संध्याकाल में भगवान शिव और मां पार्वती भ्रमण पर निकलते हैं, और द्वार पर जलता दीपक उनका स्वागत करता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
शिव-पार्वती मंदिर में दीपक — आर्थिक बाधाओं से मुक्ति
यदि संभव हो तो इस दिन किसी शिव-पार्वती मंदिर में जाकर भगवान के चरणों में दीपक अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक परेशानियाँ धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं और जीवन में उन्नति के नए मार्ग खुलते हैं। कई श्रद्धालु इस अवसर पर मंदिर में परिवार की सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की भी प्रार्थना करते हैं।
तुलसी और पीपल के समक्ष दीपक — धन-समृद्धि का आगमन
धन संबंधी कठिनाइयों से राहत के लिए मंगला गौरी व्रत पर सुबह और शाम तुलसी माता के सामने दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। सनातन धर्म में तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और नियमित तुलसी पूजा से घर में समृद्धि बनी रहती है। इसके अतिरिक्त, पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाने का भी विशेष महत्व बताया गया है — धार्मिक मान्यता के अनुसार पीपल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का वास होता है, और यहाँ दीपक जलाकर सुख, शांति व संकट-मुक्ति की प्रार्थना करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर हो सकती हैं।
ईशान कोण में दीपक — वास्तु अनुसार सर्वाधिक शुभ
घर के पूजा स्थल या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में सुबह और शाम एक दीपक अवश्य जलाएं। वास्तु शास्त्र में इस दिशा को सर्वाधिक शुभ माना गया है। मान्यता है कि यहाँ दीपक जलाने से घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती और वातावरण सकारात्मक बना रहता है।
दीपक जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान
जलते हुए दीपक को सीधे जमीन पर कभी न रखें — उसे किसी थाली, चौकी या फूल, चावल अथवा काले तिल के आसन पर स्थापित करें। दीपक की बत्ती के लिए सूती धागे या मौली का उपयोग शुभ माना जाता है। मां पार्वती को प्रसन्न करने के लिए दीपक में गुलाब की पंखुड़ियाँ डालना भी विशेष फलदायी बताया गया है।
इन सरल उपायों को श्रद्धा और नियम के साथ अपनाकर इस मंगला गौरी व्रत पर मां पार्वती और भगवान शिव की कृपा प्राप्त की जा सकती है।