मणिपुर विधानसभा चुनाव 2027: सुचारू संचालन के लिए 11 नोडल अधिकारी नियुक्त
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए 28 अक्टूबर 2026 को चुनाव-संबंधी विभिन्न गतिविधियों की निगरानी के लिए 11 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की। यह कदम चुनाव आयोग (ECI) की सितंबर में दी गई सलाह के बाद उठाया गया है और इंफाल में ECI के वरिष्ठ अधिकारियों के हालिया समीक्षा दौरे के तत्काल बाद आया है।
किसे मिली क्या जिम्मेदारी
CEO कार्यालय द्वारा जारी आदेश अधिसूचना के अनुसार, वरिष्ठ IPS अधिकारी कामेई अंगम रोमानस को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा नियोजन का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। IAS अधिकारी हंग्यो वोरशांग आबकारी से जुड़े मामलों की देखरेख करेंगे।
आदेश के अनुसार, कोनसम बिंकू को चुनाव व्यय निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि खुमानथेम डायना देवी परिवहन प्रबंधन की नोडल अधिकारी होंगी। कम्प्यूटरीकरण, साइबर सुरक्षा, संचार नियोजन और पर्यवेक्षक-संबंधी मामलों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। इनके अतिरिक्त चुनाव की अन्य गतिविधियों के लिए तीन और नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
ECI की समीक्षा और तैयारियों का जायजा
ये नियुक्तियाँ इंफाल में ECI के वरिष्ठ अधिकारियों के समीक्षा दौरे के ठीक बाद की गई हैं, जिसमें राज्य के सभी 16 जिलों में चुनाव की तैयारियों का मूल्यांकन किया गया था। समीक्षा के दौरान सभी 16 जिलों के जिला चुनाव अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने तैयारियों पर प्रस्तुतीकरण दिया।
इस दौरे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) इकाइयों की प्रथम स्तरीय जाँच (FLC) पर एक कार्यशाला भी शामिल थी। इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के इंजीनियरों ने मशीनों की जाँच-प्रक्रिया और उनकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करने वाले प्रशासनिक व तकनीकी सुरक्षा उपायों का प्रदर्शन किया।
मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल और चुनाव की संभावित तिथि
60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को समाप्त होना है। इसी के मद्देनज़र विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में कराए जाने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछली बार मणिपुर में चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए थे।
यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग अगले वर्ष की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में भी विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है — यानी एक साथ कई राज्यों में चुनावी प्रबंधन का दबाव ECI पर रहेगा।
आगे की राह
नोडल अधिकारियों की यह प्रारंभिक नियुक्ति दर्शाती है कि चुनाव तंत्र चुनाव से लगभग पाँच महीने पहले से सक्रिय हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मणिपुर की भौगोलिक जटिलता और हालिया सुरक्षा स्थिति को देखते हुए जल्द नियोजन अपरिहार्य है। आने वाले हफ्तों में मतदाता सूची पुनरीक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू होने की उम्मीद है।