मणिपुर: तीन मैतेई युवकों की हत्या के बाद सिनाई शिविर पर छापा, 18 हिरासत में; हथियार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 19 अक्टूबर 2026 को सुनुरोक पहाड़ियों में तीन मैतेई युवकों की हत्या के बाद केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों ने संयुक्त तलाशी अभियान तेज कर दिया है। राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बताया कि इस अभियान के तहत सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते के अंतर्गत निर्धारित सिनाई शिविर पर छापा मारा गया, जहाँ से 18 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
छापे की पूरी जानकारी
कोबरा बल, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कांगपोकपी जिले के सिनाई शिविर पर यह कार्रवाई की। गृह मंत्री सिंह ने इंफाल के ओलंपियन पार्क में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम के बाद मीडिया को बताया कि हिरासत में लिए गए 18 लोगों में से एक की पहचान एसओओ समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले एक कुकी संगठन के कैडर के रूप में हुई है। उन्होंने कहा, 'बाकी लोगों की पहचान की पुष्टि की जानी अभी बाकी है।'
उल्लेखनीय है कि यह शिविर एसओओ समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले उग्रवादी संगठनों के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित था। गृह मंत्री ने बताया कि एसओओ समझौता 4 सितंबर 2026 को समाप्त हो गया था और अब तक इसे नवीनीकृत नहीं किया गया है।
अभियान का दायरा और हथियार बरामदगी
सिंह ने स्पष्ट किया कि यह तलाशी अभियान केवल कुकी संगठनों के शिविरों तक सीमित नहीं रहेगा — मैतेई और नागा समूहों से जुड़े संगठनों के शिविरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पहाड़ी इलाकों में अभियान चलाने की भौगोलिक कठिनाइयों को भी स्वीकार किया।
इस बीच, असम राइफल्स के जवानों ने कांगपोकपी और इंफाल पूर्वी जिलों की सीमा पर स्थित फैलेनकोट इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा। मणिपुर पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, बरामद वस्तुओं में एक .22 कैलिबर राइफल, मैगजीन सहित एक सीएमजी, मैगजीन सहित एक जापान निर्मित पिस्तौल, एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) तथा बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य सामग्री शामिल है।
एसओओ समझौते की पृष्ठभूमि
अगस्त 2008 से केंद्र सरकार के साथ एसओओ व्यवस्था के तहत दो गठबंधनों के कुल 23 भूमिगत संगठन जुड़े रहे हैं। इनमें यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ) के 8 और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) के 15 संगठन शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय से जातीय हिंसा की चपेट में है और राज्य में शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 'निष्पक्ष कदम' उठाए जाएंगे और सरकार राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फैलेनकोट इलाके में तलाशी अभियान अभी जारी है। तीनों मैतेई युवकों की हत्या के मामले में मुख्य संदिग्धों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों की गतिविधियाँ आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।