मणिपुर: मैतेई ग्रामीणों की हत्या के बाद 5 घाटी जिलों में 48 घंटे का बंद, इंफाल ठप
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के इंफाल सहित घाटी के पाँच जिलों में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया, जब नेटिव पीपुल कमेटी मणिपुर (NPCM) ने 48 घंटे के बंद का आह्वान किया। यह बंद सोमवार को कांगपोकपी जिले में संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों द्वारा मैतेई समुदाय के तीन ग्रामीणों की हत्या और चार अन्य के घायल होने के विरोध में बुलाया गया। यह घटना उस समय हुई जब लकड़ी इकट्ठा करने गए लगभग 14 ग्रामीणों के समूह पर सुनुरोक पहाड़ियों में अचानक गोलीबारी हुई।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के बयान के अनुसार, संदिग्ध उग्रवादियों ने कांगपोकपी जिले के सागोलमांग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खोंगबल तांगखुल में ग्रामीणों पर गोलीबारी की। मैतेई समुदाय के तीन ग्रामीण मौके पर ही मारे गए, जबकि चार अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना मिलते ही सोमवार रात इंफाल वेस्ट जिले के क्वाकीथेल और चिंगमीरोंग, तथा इंफाल ईस्ट जिले के खुरई लामलोंग में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए, जिससे इन इलाकों में आवाजाही बाधित हुई।
बंद का असर और प्रभावित क्षेत्र
अधिकारियों ने बताया कि बंद के कारण मुख्यतः मैतेई आबादी वाले इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थोबल, बिष्णुपुर और काकचिंग — इन पाँचों जिलों में दुकानें, बाज़ार, स्कूल-कॉलेज, व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा सरकारी व निजी कार्यालय पूरी तरह बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहा; केवल कुछ निजी वाहन ही चलते दिखे।
NPCM के सदस्यों ने इंफाल ईस्ट और इंफाल वेस्ट जिलों के अलग-अलग हिस्सों में सड़कें जाम कर प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर भी धरना दिया। अधिकारियों ने बताया कि बंद प्रभावित क्षेत्रों से अब तक किसी अतिरिक्त अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
सुरक्षा व्यवस्था
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए राज्य की राजधानी इंफाल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, हिंसा को आगे फैलने से रोकने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी और अभियानात्मक कदम उठाने की बात कही है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा का दौर जारी है, जो मुख्यतः मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बातचीत की प्रक्रिया जारी बताई जाती है। लकड़ी इकट्ठा करने जैसे रोज़मर्रा के काम के दौरान नागरिकों पर हमला यह दर्शाता है कि संघर्ष की पहुँच अभी भी आम जीवन तक है।
मणिपुर पुलिस ने समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों तथा प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। आने वाले दिनों में स्थिति कैसे करवट लेती है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कितनी तेज़ और पारदर्शी होती है।