20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मणिपुर में आईईडी विस्फोट: तीन सीआरपीएफ जवान गंभीर रूप से घायल, इंफाल ईस्ट में अलग गोलीबारी में तीन की मौत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मणिपुर में आईईडी विस्फोट: तीन सीआरपीएफ जवान गंभीर रूप से घायल, इंफाल ईस्ट में अलग गोलीबारी में तीन की मौत

सारांश

मणिपुर में एक ही रात-दिन में दो बड़ी हिंसक घटनाएँ — इंफाल पश्चिम में आईईडी विस्फोट से तीन सीआरपीएफ जवान गंभीर रूप से घायल, और इंफाल ईस्ट में उग्रवादियों की गोलीबारी में तीन मैतेई ग्रामीणों की जान। राज्य में शांति बहाली की कोशिशों को यह घटनाएँ गंभीर चुनौती देती हैं।

मुख्य बातें

आईईडी विस्फोट 19 अक्टूबर 2026 की रात इंफाल पश्चिम के सिंगजामेई पुलिस स्टेशन के पास हुआ।
सीआरपीएफ के तीन जवान — सी.
पूनमबलम (58) , रमेश कुमार (57) और पबित्रा कुमार जेना (56) — गंभीर रूप से घायल, इंफाल के अस्पताल में उपचाराधीन।
इंफाल ईस्ट के खोंगबल तंगखुल में उग्रवादियों की गोलीबारी में तीन मैतेई ग्रामीणों की मौत , चार घायल , तीन लापता ।
एडीजीपी लहरी दोरजी ल्हाटू ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सेना और असम राइफल्स संयुक्त रूप से स्थिति नियंत्रण में जुटी हैं।

मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में 19 अक्टूबर 2026 की देर रात एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कम से कम तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उसी रात सामने आई जब सोमवार को इंफाल ईस्ट जिले में संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों की गोलीबारी में तीन ग्रामीणों की जान चली गई।

विस्फोट का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, आईईडी विस्फोट सिंगजामेई पुलिस स्टेशन के समीप ककवा लंदाईबंग लंपक इलाके में हुआ। घायल सीआरपीएफ जवानों की पहचान सी. पूनमबलम (58), रमेश कुमार (57) और पबित्रा कुमार जेना (56) के रूप में हुई है। तीनों को तत्काल इंफाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। विस्फोट के सटीक कारण और परिस्थितियाँ अभी जाँच के दायरे में हैं।

इंफाल ईस्ट में गोलीबारी — तीन की मौत

कांगपोकपी जिले के सगोलमांग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत खोंगबल तंगखुल में सोमवार को संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों ने लगभग 14 ग्रामीणों के एक समूह पर गोलियाँ चलाईं। पुलिस बयान के अनुसार, इस हमले में मैतेई समुदाय के तीन ग्रामीणों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए। इसके अलावा तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं। घायलों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर उपचार दिया जा रहा है।

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) लहरी दोरजी ल्हाटू ने कहा कि पुलिस आईईडी विस्फोट मामले में कुछ अहम सुरागों का पीछा कर रही है और दोषियों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मणिपुर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा को नियंत्रित करने के लिए काम कर रही हैं।

आम जनता पर असर और अपील

गौरतलब है कि मणिपुर पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय से जातीय हिंसा की चपेट में है और इस तरह की घटनाएँ वहाँ के नागरिक जीवन को गहरे तक प्रभावित कर रही हैं। मणिपुर पुलिस ने समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि घटनाओं में शामिल सभी तत्वों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी और अभियानात्मक उपाय किए जाएँगे।

क्या होगा आगे

सुरक्षा बल इस दोहरी घटना की जाँच कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकार पर मणिपुर में स्थायी शांति बहाल करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जाँच एजेंसियाँ दोनों घटनाओं — आईईडी विस्फोट और ग्रामीणों पर हमले — में संभावित संबंध भी खंगाल रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राज्य में जारी संरचनात्मक हिंसा का प्रतिबिंब है। डेढ़ साल से अधिक समय से जारी जातीय संघर्ष के बावजूद राजनीतिक समाधान की दिशा में ठोस प्रगति नदारद है। सुरक्षा बलों की तैनाती एक लक्षण-उपचार है, न कि जड़-उपचार — और जब तक जातीय समूहों के बीच राजनीतिक संवाद बहाल नहीं होता, तब तक यह हिंसा चक्र नहीं टूटेगा। केंद्र सरकार की मणिपुर नीति पर जवाबदेही का सवाल और तीखा होता जाएगा।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में आईईडी विस्फोट कहाँ और कब हुआ?
यह विस्फोट 19 अक्टूबर 2026 की देर रात इंफाल पश्चिम जिले में सिंगजामेई पुलिस स्टेशन के निकट ककवा लंदाईबंग लंपक इलाके में हुआ। इसमें सीआरपीएफ के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए।
घायल सीआरपीएफ जवानों की पहचान क्या है?
घायल जवानों की पहचान सी. पूनमबलम (58), रमेश कुमार (57) और पबित्रा कुमार जेना (56) के रूप में हुई है। तीनों को इंफाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार चल रहा है।
इंफाल ईस्ट में गोलीबारी में क्या हुआ?
कांगपोकपी जिले के खोंगबल तंगखुल में संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों ने करीब 14 ग्रामीणों के समूह पर गोलीबारी की। इसमें मैतेई समुदाय के तीन ग्रामीण मारे गए, चार घायल हुए और तीन लापता बताए जा रहे हैं।
मणिपुर पुलिस ने इन घटनाओं पर क्या कहा?
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) लहरी दोरजी ल्हाटू ने कहा कि पुलिस सुरागों का पीछा कर रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मणिपुर पुलिस ने सभी वर्गों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
मणिपुर में अभी कौन-कौन से सुरक्षा बल तैनात हैं?
मणिपुर में फिलहाल मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सेना और असम राइफल्स संयुक्त रूप से तैनात हैं। ये सभी एजेंसियाँ मिलकर हिंसा रोकने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले