मणिपुर में आईईडी विस्फोट: तीन सीआरपीएफ जवान गंभीर रूप से घायल, इंफाल ईस्ट में अलग गोलीबारी में तीन की मौत
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में 19 अक्टूबर 2026 की देर रात एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कम से कम तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उसी रात सामने आई जब सोमवार को इंफाल ईस्ट जिले में संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों की गोलीबारी में तीन ग्रामीणों की जान चली गई।
विस्फोट का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आईईडी विस्फोट सिंगजामेई पुलिस स्टेशन के समीप ककवा लंदाईबंग लंपक इलाके में हुआ। घायल सीआरपीएफ जवानों की पहचान सी. पूनमबलम (58), रमेश कुमार (57) और पबित्रा कुमार जेना (56) के रूप में हुई है। तीनों को तत्काल इंफाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। विस्फोट के सटीक कारण और परिस्थितियाँ अभी जाँच के दायरे में हैं।
इंफाल ईस्ट में गोलीबारी — तीन की मौत
कांगपोकपी जिले के सगोलमांग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत खोंगबल तंगखुल में सोमवार को संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों ने लगभग 14 ग्रामीणों के एक समूह पर गोलियाँ चलाईं। पुलिस बयान के अनुसार, इस हमले में मैतेई समुदाय के तीन ग्रामीणों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए। इसके अलावा तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं। घायलों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर उपचार दिया जा रहा है।
सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) लहरी दोरजी ल्हाटू ने कहा कि पुलिस आईईडी विस्फोट मामले में कुछ अहम सुरागों का पीछा कर रही है और दोषियों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मणिपुर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा को नियंत्रित करने के लिए काम कर रही हैं।
आम जनता पर असर और अपील
गौरतलब है कि मणिपुर पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय से जातीय हिंसा की चपेट में है और इस तरह की घटनाएँ वहाँ के नागरिक जीवन को गहरे तक प्रभावित कर रही हैं। मणिपुर पुलिस ने समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि घटनाओं में शामिल सभी तत्वों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए सभी आवश्यक कानूनी और अभियानात्मक उपाय किए जाएँगे।
क्या होगा आगे
सुरक्षा बल इस दोहरी घटना की जाँच कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकार पर मणिपुर में स्थायी शांति बहाल करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जाँच एजेंसियाँ दोनों घटनाओं — आईईडी विस्फोट और ग्रामीणों पर हमले — में संभावित संबंध भी खंगाल रही हैं।