मणिपुर हिंसा: इंफाल पूर्व में आतंकी हमले और थौबल झड़प में तीन की मौत, तीन लापता
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के इंफाल पूर्व और थौबल जिले में 19 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग हिंसक घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, कई अन्य घायल हो गए और तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक घटना में अज्ञात आतंकवादियों ने लकड़ी काटने वालों पर घात लगाकर हमला किया, जबकि दूसरी घटना दो समुदायों के बीच हुई झड़प से उपजी थी।
नोंग्शम में आतंकी हमला: लकड़ी काटने वालों पर घात
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह इंफाल पूर्व के नोंग्शम के समीप पहाड़ी वन क्षेत्रों में लगभग 10 लोग लकड़ी इकट्ठा करने गए थे। इसी दौरान संदिग्ध आतंकवादियों ने उन पर अचानक गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। घटना के बाद से तीन और लोग लापता हैं।
पीड़ितों के शवों को निकालने के प्रयास जारी हैं। अतिरिक्त सुरक्षा बल इलाके में पहुँच चुके हैं और लापता लोगों का पता लगाने तथा हमलावरों को पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है।
थौबल जिले में सामुदायिक झड़प, निषेधाज्ञा लागू
रविवार रात इम्फाल से लगभग 25 किलोमीटर दक्षिण में स्थित थौबल पुलिस स्टेशन क्षेत्र के खंगाबोक गाँव में हिंसा भड़क उठी। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक संगीत कार्यक्रम स्थल पर पत्थर फेंके, जिसके बाद खंगाबोक और पड़ोसी संगायुम्फाम के दो समुदायों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई।
झड़पों के दौरान कुछ घरों और वाहनों में आग भी लगा दी गई। अज्ञात उपद्रवियों द्वारा चलाई गई एक गोली लैशराम राकेश के सिर में लगी, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया जहाँ उनकी मृत्यु हो गई। पत्थरबाजी में कई अन्य लोग मामूली रूप से घायल हुए।
हिंसा को नियंत्रित करने के लिए थौबल जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत रात 11 बजे से खंगाबोक और संगायुम्फाम में निषेधाज्ञा लागू की। आदेश में असामाजिक तत्वों की कथित गैरकानूनी गतिविधियों और जान-माल को खतरे का हवाला दिया गया है। आदेश में प्रतिबंध हटाने की तिथि स्पष्ट नहीं की गई है।
कामजोंग में 25 से अधिक घर जलाए गए
इस बीच, कामजोंग जिले में पिछले 24 घंटों में अलग-अलग घटनाओं में 25 से अधिक घरों में संदिग्ध उग्रवादियों ने आग लगा दी। हमलों में नागा और कुकी दोनों आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जिससे नागरिकों को अपने घर छोड़कर जंगलों और पास के एक सुरक्षा शिविर में शरण लेनी पड़ी।
रविवार को भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित पिलोंग और स्किपे गाँवों में अज्ञात हमलावरों ने नागा समुदाय के लगभग 14 खाली घरों में आग लगाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन घरों को पहले हुए हमलों के बाद छोड़ दिया गया था। घटनाओं के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा बलों की तैनाती और मौजूदा स्थिति
पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह तक थौबल में स्थिति नियंत्रण में आ गई थी। राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियाँ प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं। इंफाल पूर्व में लापता लोगों की तलाश और हमलावरों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान जारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय हिंसा का दौर लंबे समय से जारी है और राज्य में शांति बहाली की कोशिशें अभी भी चल रही हैं। कामजोंग, इंफाल पूर्व और थौबल में एक साथ हुई ये घटनाएँ बताती हैं कि संघर्ष का भौगोलिक दायरा बढ़ रहा है।