मणिपुर में दो अलग हमलों में चार की मौत, तीन लापता; नोंग्शम और थौबल में तनाव
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के इंफाल पूर्व और थौबल जिले में 19 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, कई अन्य घायल हो गए और तीन व्यक्ति लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों घटनाएँ क्रमशः रविवार रात और सोमवार सुबह हुईं, जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
नोंग्शम गाँव में घात लगाकर हमला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह इंफाल पूर्व में नोंग्शम गाँव के निकट पहाड़ी वन क्षेत्र में लगभग 10 लोग लकड़ी इकट्ठा करने गए थे। तभी संदिग्ध आतंकवादियों ने उन पर घात लगाकर गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
घायलों में से एक व्यक्ति ने इंफाल के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस हमले में मारे गए तीनों मृतकों की पहचान अरुबम रोनिल (55 वर्ष), लैरेनलाकपम इनाओबी (44 वर्ष) और सुशील (32 वर्ष) के रूप में हुई है — तीनों नोंग्शम के निवासी थे। घटना के बाद तीन और लोग लापता हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
थौबल में सामुदायिक झड़प और गोलीबारी
एक अलग घटना में थौबल जिले के खंगाबोक गाँव में रविवार रात उस समय हिंसा भड़क उठी जब कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक संगीत कार्यक्रम के मैदान पर पत्थर फेंके। यह घटना इंफाल से लगभग 25 किलोमीटर दक्षिण में स्थित खंगाबोक और पड़ोसी संगायुम्फाम में दो समुदायों के बीच पत्थरबाजी में बदल गई।
पुलिस के अनुसार, झड़पों के दौरान कुछ घरों और वाहनों में भी आग लगा दी गई। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने गोलीबारी की, जिसमें लैशराम राकेश के सिर में गोली लगी। उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, किंतु बाद में उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
अधिकारियों ने थौबल के दो प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल निषेधाज्ञा लागू कर दी। अतिरिक्त सुरक्षा बल नोंग्शम और थौबल दोनों क्षेत्रों में पहुँच गए हैं। पुलिस ने मृतकों के शव निकालने के अभियान के साथ-साथ लापता व्यक्तियों की तलाश और हमलावरों को पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि मणिपुर मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है, जिसमें अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हज़ारों विस्थापित हो चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शांति बहाली के प्रयासों के बावजूद산발적 हिंसा की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रहीं। नोंग्शम हमले जैसी घटनाएँ, जहाँ नागरिकों को जंगल में निशाना बनाया गया, राज्य में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को रेखांकित करती हैं।
आगे क्या
सुरक्षा एजेंसियाँ लापता तीन व्यक्तियों की खोज में जुटी हैं और संदिग्ध हमलावरों की पहचान के लिए जाँच जारी है। प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने की भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर निगरानी बढ़ाई गई है।