मन की बात 139वीं कड़ी: नितिन नवीन ने रांची में सुना, सामाजिक नवाचारों को मिलता है राष्ट्रीय मंच
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को रांची के सुकुरहुटू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 139वीं कड़ी सुनी। कांके विधानसभा क्षेत्र स्थित बिरसा मंडप अखाड़ा के बूथ संख्या 249 पर आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु सहित बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्य घटनाक्रम
बूथ संख्या 249 पर आयोजित इस सामूहिक श्रवण कार्यक्रम ने झारखंड में भाजपा की जमीनी संगठनात्मक उपस्थिति को रेखांकित किया। कार्यक्रम में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री के संदेश सुने, जो पार्टी की बूथ-स्तरीय सक्रियता की एक झलक है।
नितिन नवीन का बयान
कार्यक्रम के बाद नवीन ने कहा कि 'मन की बात' देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे सामाजिक कार्यों और नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा, 'इस कार्यक्रम से पता चलता है कि देशवासी प्रधानमंत्री के संदेशों को किस तरह आत्मसात कर उन्हें अपने व्यवहार और कार्यों का हिस्सा बनाते हैं।'
नवीन ने विशेष रूप से 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संदेशों से प्रेरित होकर देशभर में लोग बिना किसी व्यक्तिगत पहचान की इच्छा के अपने स्तर पर योगदान दे रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
नवीन ने नदी संरक्षण और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश आम लोगों तक पहुँचा है। उनके अनुसार, 'मन की बात' ऐसे प्रयासों को पहचान देने के साथ-साथ दूसरों को भी प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के पश्चात नवीन ने सुकुरहुटू में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी को अनिवार्य बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि 'मन की बात' अपनी 139वीं कड़ी तक पहुँच चुका है — यह निरंतरता स्वयं में इस कार्यक्रम की पहुँच का संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में राजनीतिक गतिविधियाँ सक्रिय हैं और पार्टी बूथ-स्तरीय संगठन को मजबूत करने में जुटी है।
क्या होगा आगे
नवीन ने संकेत दिया कि 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे पर्यावरण अभियानों में आम नागरिकों की भागीदारी आने वाले समय में और बढ़ेगी। उनके अनुसार, ऐसे सामूहिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य के निर्माण में योगदान देंगे।