नरेला औद्योगिक क्षेत्र में भीषण आग, 10 दमकल गाड़ियाँ मौके पर तैनात
सारांश
मुख्य बातें
नरेला औद्योगिक क्षेत्र, आउटर नॉर्थ दिल्ली में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की सुबह एक फैक्ट्री में भीषण आग भड़क उठी, जिसकी सूचना दमकल विभाग को सुबह 9:05 बजे मिली। सूचना मिलते ही 10 दमकल गाड़ियाँ तत्काल मौके पर रवाना की गईं और आग पर काबू पाने का अभियान जारी है। अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों ने बताया कि नरेला के औद्योगिक क्षेत्र स्थित इस फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। घटना के कारणों की जाँच चल रही है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। दमकल कर्मी फिलहाल आग बुझाने में जुटे हुए हैं।
यह ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में आग की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के ही मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में एक जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
मंगोलपुरी हादसे का संदर्भ
मंगोलपुरी की उस जूता फैक्ट्री में आग 30 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे लगी थी। सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस, दमकल दल और बचाव व राहत टीमें मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और फैक्ट्री के भीतर से छह लोगों को बाहर निकाला।
फेज-1 के तत्कालीन डीसीपी (बाहरी ज़िला) विक्रम सिंह ने मीडिया को बताया था कि 'पुलिस को जूता फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। हमारे बीट स्टाफ और टीम तुरंत मौके पर पहुँच गई। जैसे ही दमकल की गाड़ियाँ पहुँचीं, बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।' उन्होंने आगे बताया कि कुल छह लोगों को संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से चार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दो का उपचार जारी रहा। डीसीपी ने यह भी कहा कि कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दिल्ली औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा की चुनौती
नरेला और मंगोलपुरी जैसे घनी आबादी वाले औद्योगिक क्षेत्रों में आग की पुनरावृत्ति यह सवाल उठाती है कि अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन कितना हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में अवैध या अनाधिकृत तरीके से संचालित फैक्ट्रियाँ अक्सर आग से बचाव के उपकरणों और निकास मार्गों की उचित व्यवस्था के बिना चलती हैं।
यह इस महीने में दिल्ली के औद्योगिक इलाकों में दर्ज की गई दूसरी बड़ी अग्निकांड की घटना है, जो नीतिनिर्माताओं और नागरिक निकायों के लिए एक गंभीर संकेत है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार नरेला की घटना में आग लगने के कारणों की जाँच जारी है और आगे की रिपोर्ट प्रतीक्षित है। मंगोलपुरी मामले में कानूनी कार्रवाई के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। दोनों घटनाएँ मिलकर दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट की माँग को और मज़बूत करती हैं।