राहुल गांधी की डिबेट चुनौती पर BJP का पलटवार: 'संसद छोड़ सड़क पर बहस माँगना लोकतंत्र विरोधी'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दिए जाने के बाद 5 नवंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने चौतरफा पलटवार किया। बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश और नई दिल्ली से BJP नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को 'गैर-जिम्मेदाराना' और 'लोकतंत्र-विरोधी' करार दिया। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस नेता संसदीय मंच का इस्तेमाल करने के बजाय बाहर नैरेटिव बदल-बदलकर राजनीतिक ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं।
संसद बनाम सड़क: BJP का केंद्रीय तर्क
BJP सांसद संजय जायसवाल ने राहुल गांधी की बहस की माँग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 'इस तरह के बयान केवल मूर्ख लोग ही देते हैं।' उनका कहना था कि जब संसद सत्र में होती है, तब राहुल गांधी चर्चा से दूर भागते हैं। जायसवाल ने यह भी कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे किसी भी संबंधित मुद्दे पर लोकसभा में बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि यदि वे बहस चाहते हैं तो वे किस तारीख को संसद का विशेष सत्र बुलाने की माँग करना चाहते हैं।
नैरेटिव बदलने का आरोप
BJP की आंध्र प्रदेश प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विनूषा रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी के पास अब कोई स्पष्ट विचार या राजनीतिक नैरेटिव नहीं बचा है, इसीलिए वे लगातार मुद्दे बदलते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने पहले ईवीएम में हेरफेर को चुनाव में हार की वजह बताया, फिर वोट चोरी का मुद्दा उठाया, उसके बाद एसआईआर को जिम्मेदार ठहराया, और अब प्रधानमंत्री के साथ बहस की माँग कर रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष संसद सत्र के बाहर जनमत बनाने की रणनीति पर जोर दे रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की 'सड़क-बहस' की माँग संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
भारत जोड़ो यात्रा और पुराने संबंधों पर सवाल
BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और उनके पुराने बयानों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रा के दौरान राहुल गांधी ऐसे लोगों से मिले, जिनके संबंध कथित तौर पर 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' से बताए जाते हैं। इसके अलावा शाहदेव ने उन पुजारियों और व्यक्तियों से भेंट का भी जिक्र किया, जिन पर सनातन धर्म के देवी-देवताओं का अपमान करने और नक्सलवाद का समर्थन करने के आरोप हैं — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शाहदेव ने यह भी आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच एक समझौता हुआ था। उन्होंने राहुल गांधी के चीन-विरोधी रुख को इस कथित समझौते के आलोक में विरोधाभासी बताया। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई।
BJP का सीधा हमला: 'देश माफ नहीं करेगा'
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी के बयान को लोकतंत्र के खिलाफ करार देते हुए उन पर अराजकता फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'देश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार और प्रधानमंत्री हैं। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं और 2029 में भी चुनाव जीतकर सत्ता में लौटेंगे।'
हुसैन ने सवाल उठाया कि जब अगले एक वर्ष में कोई बड़ा चुनाव होने की संभावना नहीं है, तो सरकार को 'एक साल में हटाने' जैसी बातों का क्या औचित्य है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने पहले चुनाव आयोग पर सवाल उठाए, फिर सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ मार्च किया, संसद का अपमान करते हुए मॉक पार्लियामेंट आयोजित की, और अब प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जो 'दुर्भाग्यपूर्ण' है। हुसैन ने कहा कि 'राहुल गांधी ने यह बयान देकर बड़ी गलती की है और देश उन्हें इसके लिए माफ नहीं करेगा।'
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और BJP के बीच संसदीय बनाम सार्वजनिक बहस को लेकर टकराव हुआ हो। आने वाले दिनों में यह विवाद संसद सत्र की राजनीति को और तीखा कर सकता है।