9 अक्टूबर 2026
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सीजेपी प्रदर्शन से दूर रहें मुस्लिम: मौलाना रजवी बरेलवी और इलियासी की 10 अक्टूबर से पहले अपील

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सीजेपी प्रदर्शन से दूर रहें मुस्लिम: मौलाना रजवी बरेलवी और इलियासी की 10 अक्टूबर से पहले अपील

सारांश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रस्तावित धरने से ठीक पहले, दो प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं — मौलाना रजवी बरेलवी और उमर अहमद इलियासी — ने समुदाय से दूरी बनाने की अपील की। पिछले प्रदर्शन में हिंसा और कानूनी कार्रवाई का हवाला देकर उन्होंने युवाओं और इमामों को सतर्क किया।

मुख्य बातें

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी और उमर अहमद इलियासी ने 9 अक्टूबर 2026 को मुस्लिम समुदाय से अपील जारी की।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर, दिल्ली पर सीजेपी के प्रस्तावित धरने से दूर रहने का आग्रह किया गया।
सीजेपी के पिछले प्रदर्शन के दौरान हिंसा और उसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों को हुई परेशानियों का हवाला दिया गया।
मस्जिदों के इमामों से विशेष रूप से अनुरोध किया गया कि वे अपने क्षेत्र में प्रदर्शन से बचने की सलाह दें।
सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े संदेश साझा न करने और बच्चों को भी प्रदर्शन में न भेजने की अपील की गई।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी और著名 धर्मगुरु उमर अहमद इलियासी ने 9 अक्टूबर 2026 को मुस्लिम समुदाय — विशेषकर युवाओं और मस्जिदों के इमामों — से अपील की कि वे 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में शामिल न हों। दोनों धर्मगुरुओं ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े संदेश साझा करने से भी बचने की सलाह दी।

मौलाना रजवी बरेलवी की चेतावनी

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि धरना प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन किसी को भी हिंसा की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने सीजेपी के पिछले प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान हिंसा भड़की थी और मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों को परिणामस्वरूप गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने मुस्लिम युवाओं से आग्रह किया कि वे ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहें जो उनके लिए कानूनी या सामाजिक कठिनाइयाँ पैदा कर सकती हो। गौरतलब है कि यह अपील ऐसे समय में आई है जब कई राजनीतिक दलों ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में समर्थन की घोषणा की है।

इलियासी की इमामों से विशेष अपील

उमर अहमद इलियासी ने विशेष रूप से मस्जिदों के इमामों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्लिम लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से बचने की सलाह दें। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि कुछ ताकतें देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकती हैं।

इलियासी ने कहा कि राजनीतिक दल कई बार अपने हितों के लिए समुदायों का उपयोग करते हैं, जबकि इसका नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती है तो उसे और उसके परिवार को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है और जमानत मिलने में मुश्किल हो सकती है।

सोशल मीडिया पर संयम की अपील

दोनों धर्मगुरुओं ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से संबंधित सामग्री साझा न करने की अपील की। इलियासी ने कहा कि ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहना चाहिए जिससे तनाव, हिंसा या दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती हो। उन्होंने युवाओं के साथ-साथ बच्चों को भी प्रदर्शन में न भेजने की बात कही।

उन्होंने मुस्लिम समुदाय से भावनाओं में बहकर निर्णय लेने के बजाय समझदारी और सावधानी से काम लेने का आग्रह किया। देश में शांति और सौहार्द बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है — यह बात उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित की।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब कई राजनीतिक दलों ने 10 अक्टूबर के सीजेपी प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है। धर्मगुरुओं की यह अपील मुस्लिम समुदाय के भीतर एक सतर्कतापूर्ण स्वर का प्रतिनिधित्व करती है, जो पिछले अनुभवों से सबक लेकर सामुदायिक सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। आने वाले घंटों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जंतर-मंतर पर स्थिति किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समुदाय को परिणामों के प्रति सचेत कर रहे हैं — जो एक महत्वपूर्ण अंतर है। मुख्यधारा की कवरेज प्रायः इस आंतरिक विमर्श को नजरअंदाज करती है, जहाँ धार्मिक नेतृत्व राजनीतिक लामबंदी और सामुदायिक सुरक्षा के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। असली सवाल यह है कि क्या यह आत्मसंयम का स्वतःस्फूर्त स्वर है या इसके पीछे कोई बड़ा दबाव — इसका जवाब आने वाले घंटे देंगे।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी का 10 अक्टूबर का प्रदर्शन क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन का आयोजन किया है। कई राजनीतिक दलों ने इसमें शामिल होने का आह्वान किया है।
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने प्रदर्शन से दूर रहने की अपील क्यों की?
मौलाना रजवी बरेलवी और उमर अहमद इलियासी ने सीजेपी के पिछले प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और उसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों को हुई कानूनी परेशानियों का हवाला दिया। उनका कहना है कि राजनीतिक दल अपने हितों के लिए समुदायों का उपयोग करते हैं और इसका नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है।
इमामों से क्या विशेष अनुरोध किया गया है?
उमर अहमद इलियासी ने मस्जिदों के इमामों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्लिम लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से बचने की सलाह दें। इमामों को समुदाय तक शांति और सतर्कता का संदेश पहुँचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सोशल मीडिया को लेकर क्या कहा गया?
दोनों धर्मगुरुओं ने प्रदर्शन से जुड़े संदेशों को सोशल मीडिया पर साझा न करने की अपील की। उनका मानना है कि ऐसी सामग्री के प्रसार से तनाव, हिंसा या दंगे जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
क्या यह अपील बच्चों के बारे में भी कुछ कहती है?
हाँ, उमर अहमद इलियासी ने स्पष्ट रूप से कहा कि युवाओं के साथ-साथ बच्चों को भी प्रदर्शन में नहीं भेजना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि कानूनी कार्रवाई होने पर न केवल संबंधित व्यक्ति बल्कि उसके परिवार को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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