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जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे और गैर-इस्लामी गतिविधियाँ बंद करें: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी

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जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे और गैर-इस्लामी गतिविधियाँ बंद करें: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी

सारांश

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 26 अगस्त के जुलूस-ए-मोहम्मदी को शरीयत के अनुरूप रखने की अपील की और डीजे पर आपत्ति जताई। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की 558 मदरसों की जाँच का खुलकर समर्थन किया।

मुख्य बातें

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 24 अगस्त को बरेली में जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान गैर-इस्लामी गतिविधियों से बचने की अपील की।
26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर निकलने वाले जुलूसों में डीजे के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई गई।
संगठन की ओर से इस संबंध में फतवा भी जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 558 मदरसों की जाँच के फैसले का रजवी बरेलवी ने समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि धर्म के मामले में भ्रष्टाचार शर्मनाक है और निष्पक्ष जाँच ज़रूरी है।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 24 अगस्त को बरेली में स्पष्ट अपील की कि 26 अगस्त को निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान मुस्लिम युवा गैर-इस्लामी गतिविधियों से पूरी तरह परहेज़ करें। उन्होंने कहा कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का यह पवित्र अवसर भारत सहित पूरी दुनिया में मनाया जाएगा, इसलिए जुलूस की गरिमा बनाए रखना हर मुसलमान की ज़िम्मेदारी है।

मुख्य अपील: शरीयत के मुताबिक रहे जुलूस

रजवी बरेलवी ने कहा कि देश के कई शहरों और गाँवों में निकाले जाने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी में कुछ ऐसी प्रथाएँ शामिल हो गई हैं जिन्हें शरीयत के नज़रिए से उचित नहीं माना जाता। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से अनुरोध किया कि वे जुलूस को शरीयत के अनुरूप रखें, ताकि समुदाय की बदनामी न हो और किसी को भी असुविधा न हो।

उन्होंने कहा, 'जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान ऐसे काम करें जिससे किसी को समस्या न हो। जो गतिविधियाँ जायज़ नहीं हैं, उनसे बचें।' इस संबंध में उनके संगठन की ओर से फतवा भी जारी किया गया है।

डीजे पर आपत्ति: स्वास्थ्य और सामाजिक कारण

रजवी बरेलवी ने विशेष रूप से जुलूस के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि तेज़ आवाज़ में डीजे बजाने से न केवल लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बल्कि कई घरों की दीवारें भी दरक जाती हैं। उनके अनुसार, अत्यधिक शोर इंसान के हृदय और मस्तिष्क दोनों पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गैर-इस्लामी गतिविधियाँ धार्मिक आयोजन की पवित्रता को नुकसान पहुँचाती हैं और समुदाय की छवि को धूमिल करती हैं।

मदरसा जाँच का समर्थन

इसके साथ ही रजवी बरेलवी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 558 मदरसों की जाँच शुरू किए जाने के फैसले का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने इसके लिए एक कमेटी गठित की है, जो मदरसों में हुई नियुक्तियों की जाँच करेगी।

उन्होंने कहा कि मदरसों के प्रबंधन तंत्र में अनियमितताओं की शिकायतें पहले से सामने आती रही हैं और ऐसी कई शिकायतों की जानकारी उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी है। उनके अनुसार, 'धर्म के मामले में भ्रष्टाचार होना शर्म की बात है। अगर किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। सरकार द्वारा जाँच के आदेश देना बिल्कुल उचित है।'

व्यापक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूसों की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। गौरतलब है कि धार्मिक जुलूसों के दौरान डीजे और शोरगुल को लेकर विभिन्न समुदायों और प्रशासन की ओर से पहले भी चिंताएँ जताई जाती रही हैं। एक वरिष्ठ मुस्लिम धर्मगुरु का इस तरह सार्वजनिक रूप से स्व-नियमन की अपील करना उल्लेखनीय है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि रजवी बरेलवी की अपील का युवाओं और जुलूस आयोजकों पर कितना असर पड़ता है और क्या मदरसा जाँच समिति अपना काम निर्धारित समय में पूरा कर पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सवाल यह है कि फतवा और अपील कितनी ज़मीनी पकड़ रखती है — क्योंकि जुलूस आयोजन अक्सर स्थानीय समितियों के हाथ में होता है, न कि केंद्रीय धार्मिक संस्थाओं के। मदरसा जाँच के समर्थन से रजवी बरेलवी ने एक साहसिक रुख अपनाया है, जो मुख्यधारा की मुस्लिम नेतृत्व की आम प्रवृत्ति से अलग है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर क्या अपील की है?
उन्होंने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान डीजे बजाने और अन्य गैर-इस्लामी गतिविधियों से बचें। उनके संगठन ने इस संबंध में फतवा भी जारी किया है।
जुलूस में डीजे पर आपत्ति क्यों जताई गई है?
रजवी बरेलवी के अनुसार तेज़ आवाज़ में डीजे बजाने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है, घरों की दीवारें दरक जाती हैं और इंसान के हृदय व मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा यह शरीयत के अनुरूप भी नहीं माना जाता।
उत्तर प्रदेश के 558 मदरसों की जाँच किस बारे में है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 558 मदरसों में नियुक्तियों और प्रबंधन में अनियमितताओं की जाँच के लिए एक कमेटी गठित की है। रजवी बरेलवी ने इस जाँच का समर्थन करते हुए कहा कि धर्म के क्षेत्र में भ्रष्टाचार शर्मनाक है और निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात क्या है और रजवी बरेलवी कौन हैं?
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात एक राष्ट्रीय मुस्लिम धार्मिक संगठन है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और बरेली से संचालन करते हैं। वे बरेलवी मसलक से जुड़े एक प्रमुख धर्मगुरु माने जाते हैं।
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी इस साल कब मनाई जाएगी?
इस वर्ष ईद-ए-मिलाद-उन-नबी 26 अगस्त को मनाई जाएगी। यह पर्व पैगंबर मोहम्मद की जयंती के रूप में भारत सहित दुनियाभर में मनाया जाता है, जिसमें जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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