13 अक्टूबर 2026
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मेघालय कैबिनेट का बड़ा फैसला: MCCL की ₹24.43 करोड़ की देनदारियाँ माफ, सरकारी सीमेंट कंपनी होगी बंद

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मेघालय कैबिनेट का बड़ा फैसला: MCCL की ₹24.43 करोड़ की देनदारियाँ माफ, सरकारी सीमेंट कंपनी होगी बंद

सारांश

मेघालय कैबिनेट ने राज्य के स्वामित्व वाली मेघालय चेरा सीमेंट लिमिटेड को बंद करने की मंजूरी दी और ₹24.43 करोड़ की बकाया देनदारियाँ बट्टे खाते में डालीं। मुख्यमंत्री संगमा के अनुसार कर्मचारियों का बकाया पहले ही चुकाया जा चुका है।

मुख्य बातें

मेघालय कैबिनेट ने 13 अक्टूबर 2026 को मेघालय चेरा सीमेंट लिमिटेड (MCCL) को बंद करने की मंजूरी दी।
कंपनी की ₹24.43 करोड़ की बकाया देनदारियाँ बट्टे खाते में डाली गईं — ₹8.9 करोड़ सेल्स टैक्स और ₹15.53 करोड़ रॉयल्टी।
मुख्यमंत्री कॉनराड के.
संगमा ने बताया कि कर्मचारियों का सारा बकाया बंद करने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही चुका दिया गया।
अधिकांश देनदारियाँ राज्य सरकार के आंतरिक विभागों को देय थीं, इसलिए माफी से बाहरी वित्तीय बोझ नहीं बढ़ा।
अब कंपनी बंद करने की शेष कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

मेघालय कैबिनेट ने 13 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी मेघालय चेरा सीमेंट लिमिटेड (MCCL) को औपचारिक रूप से बंद करने की मंजूरी दे दी है। बंद करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट ने कंपनी की ₹24.43 करोड़ की बकाया देनदारियाँ बट्टे खाते में डालने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने शिलांग में यह जानकारी दी।

माफ की गई देनदारियों का ब्यौरा

बट्टे खाते में डाली गई ₹24.43 करोड़ की कुल राशि में दो प्रमुख मदें शामिल हैं — ₹8.9 करोड़ का बकाया सेल्स टैक्स और ₹15.53 करोड़ की रॉयल्टी देनदारियाँ। मुख्यमंत्री संगमा ने स्पष्ट किया कि चूँकि एमसीसीएल पूरी तरह राज्य सरकार के स्वामित्व में थी, इसलिए ये बकाया रकमें मूल रूप से राज्य प्रशासन के विभिन्न विभागों के बीच आंतरिक वित्तीय लेन-देन ही थीं।

उन्होंने तर्क दिया कि इन देनदारियों को बनाए रखने से बंद करने की प्रक्रिया जटिल और लंबी हो जाती, जबकि इनके माफ होने से सरकार पर कोई अतिरिक्त वास्तविक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

कर्मचारियों के बकाये का निपटारा पहले ही हुआ

मुख्यमंत्री संगमा ने बताया कि राज्य सरकार ने MCCL के कर्मचारियों की सभी बकाया देनदारियाँ बंद करने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही चुका दी हैं। यह उनके उस वादे की पूर्ति है जो उन्होंने कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा को लेकर किया था। गौरतलब है कि सार्वजनिक उद्यमों को बंद करने की प्रक्रियाओं में अक्सर कर्मचारियों के बकाये के विवाद लंबे समय तक अटके रहते हैं, और इस मामले में पहले से उनका निपटारा करना सरकार की ओर से एक सकारात्मक प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

MCCL की पृष्ठभूमि

मेघालय चेरा सीमेंट लिमिटेड मेघालय में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) के रूप में सीमेंट उत्पादन के लिए स्थापित की गई थी। यह राज्य सरकार के स्वामित्व वाली एक प्रमुख औद्योगिक इकाई रही, जिसे समय के साथ परिचालन और वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बंद होने की प्रक्रिया अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है।

आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया

कैबिनेट की मंजूरी के बाद सरकार कंपनी को औपचारिक रूप से बंद करने के लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करेगी। देनदारियों के माफ होने और कर्मचारियों के बकाये के निपटारे के बाद अब यह प्रक्रिया बिना किसी बड़े वित्तीय विवाद के आगे बढ़ सकेगी।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य सरकार घाटे में चल रहे सार्वजनिक उपक्रमों के पुनर्गठन और उनसे संबंधित वित्तीय दायित्वों को सुलझाने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी बंद होने के बाद मेघालय में सार्वजनिक क्षेत्र के सीमेंट उत्पादन का यह अध्याय आधिकारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

माफी कागज़ी पुनर्गठन अधिक है। फिर भी, यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि यह सार्वजनिक उद्यम इतने वर्षों तक घाटे में चलता रहा और इसकी समीक्षा पहले क्यों नहीं हुई। कर्मचारियों के बकाये का पहले निपटारा सकारात्मक है, लेकिन राज्य की अन्य घाटे की PSU इकाइयों के लिए यह एक नज़ीर भी बन सकती है जिसकी निगरानी ज़रूरी होगी।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय चेरा सीमेंट लिमिटेड (MCCL) क्या है?
मेघालय चेरा सीमेंट लिमिटेड (MCCL) मेघालय सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाला एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम था, जिसे राज्य में सीमेंट उत्पादन के लिए स्थापित किया गया था। परिचालन और वित्तीय चुनौतियों के चलते अब इसे बंद किया जा रहा है।
मेघालय कैबिनेट ने MCCL की कितनी देनदारियाँ माफ की हैं?
कैबिनेट ने कुल ₹24.43 करोड़ की देनदारियाँ बट्टे खाते में डाली हैं, जिनमें ₹8.9 करोड़ का बकाया सेल्स टैक्स और ₹15.53 करोड़ की रॉयल्टी देनदारियाँ शामिल हैं।
MCCL के कर्मचारियों का बकाया क्या हुआ?
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के अनुसार राज्य सरकार ने कंपनी बंद करने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही सभी कर्मचारियों का बकाया चुका दिया है। यह उनके उस वादे की पूर्ति है जो उन्होंने कर्मचारियों के हितों की रक्षा को लेकर किया था।
इन देनदारियों को माफ करने की ज़रूरत क्यों पड़ी?
मुख्यमंत्री संगमा ने बताया कि चूँकि एमसीसीएल पूरी तरह राज्य सरकार के स्वामित्व में थी, इसलिए अधिकांश देनदारियाँ वास्तव में राज्य के विभिन्न विभागों को देय थीं। इन्हें बनाए रखने से बंद करने की प्रक्रिया जटिल हो जाती और अनावश्यक अंतर-विभागीय वित्तीय उलझनें पैदा होतीं।
MCCL बंद होने के बाद आगे क्या होगा?
देनदारियों की माफी और कर्मचारियों के बकाये के निपटारे के बाद सरकार कंपनी को औपचारिक रूप से बंद करने की शेष कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करेगी। इसके बाद मेघालय में सार्वजनिक क्षेत्र के सीमेंट उत्पादन का यह अध्याय आधिकारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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