मेघालय को ₹40,000 करोड़ की सड़क परियोजनाएँ, पहले चरण में ₹3,214 करोड़ से 4 नए राष्ट्रीय राजमार्ग
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मेघालय और समूचे पूर्वोत्तर के लिए लगभग ₹40,000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की घोषणा और शिलान्यास किया, जिसे राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मेघालय के इतिहास का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश करार दिया है। 15 जून 2026 को हुई इस घोषणा में पहले चरण की परियोजनाओं के साथ-साथ भविष्य के ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और हाई-स्पीड हाईवे भी शामिल हैं।
पहले चरण में क्या शामिल है
पहले चरण में ₹3,214 करोड़ की लागत से 4 नए राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और 2 मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों का उन्नयन किया जाएगा। इन परियोजनाओं में तुरा बाईपास, ढुबरी–फुलबाड़ी ब्रिज से सेल्सेला सिम्बुकोलग्रे (पैकेज I), पिनुरसला बाईपास (शिलांग–डॉकी रोड पैकेज III) और सेल्सेला सिम्बुकोलग्रे से गोएराग्रे (पैकेज II) प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त शिलांग–डॉकी रोड (पैकेज I) और जवाई बाईपास का उन्नयन भी इस चरण में शामिल है।
₹39,800 करोड़ की भावी परियोजनाएँ
पहले चरण से परे, केंद्र सरकार ने मेघालय और पूर्वोत्तर के लिए करीब ₹39,800 करोड़ के नए हाईवे प्रोजेक्ट्स की भी रूपरेखा सामने रखी है। इनमें शिलांग–सिलचर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, जोराबाट–उमियम (बारापानी) हाई-स्पीड कॉरिडोर, डारुगिरी–बाघमारा–डालू कनेक्टिविटी और शिलांग–डॉकी विस्तार जैसे रणनीतिक प्रोजेक्ट शामिल हैं। गौरतलब है कि ये परियोजनाएँ मेघालय को बांग्लादेश सीमा से जोड़ने वाले व्यापार गलियारों को भी सुदृढ़ करेंगी।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
मुख्यमंत्री संगमा के अनुसार इन परियोजनाओं से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, पर्यटन को नई गति मिलेगी, सीमा व्यापार मजबूत होगा और हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि किसानों, उद्यमियों और युवाओं को सशक्त बनाने और मेघालय को पूर्वोत्तर के रणनीतिक प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए इस निवेश को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह राज्य की आर्थिक क्षमता को खोलने का सुनहरा अवसर है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी लंबे समय से विकास की राह में बाधा बनी हुई है।
आगे की राह
पहले चरण की परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की उम्मीद है। ₹39,800 करोड़ की भावी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और कार्यान्वयन समयसीमा आने वाले महीनों में स्पष्ट होगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर मेघालय की कनेक्टिविटी न केवल देश के अन्य हिस्सों से, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ भी बेहतर होगी।