6 अगस्त 2026
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मिमी चक्रवर्ती ने सुरक्षा के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया, सोमवार को न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की अदालत में सुनवाई संभव

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मिमी चक्रवर्ती ने सुरक्षा के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया, सोमवार को न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की अदालत में सुनवाई संभव

सारांश

टीएमसी की पूर्व सांसद और अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती ने बनगांव में हुई मंच-अपमान की घटना और उसके बाद के कानूनी विवाद के बीच अपनी सुरक्षा के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है।

मुख्य बातें

मिमी चक्रवर्ती ने सुरक्षा की माँग को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
सुनवाई सोमवार को न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की अदालत में होने की संभावना है।
25 जनवरी की रात बनगांव के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में तनय शास्त्री ने कथित तौर पर मंच पर चढ़कर प्रस्तुति बाधित की थी।
घटना के बाद मिमी चक्रवर्ती ने बनगांव पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई; तनय शास्त्री को जमानत मिली और बाद में उन्होंने BJP की सदस्यता ली।
तनय शास्त्री ने मिमी चक्रवर्ती के विरुद्ध ₹20 लाख का मानहानि का मुकदमा दायर किया; मिमी ने जवाब में कानूनी नोटिस भेजा।
पश्चिम बंगाल में BJP के सत्ता में आने के बाद मिमी ने सुरक्षा को लेकर अदालत का रुख किया।

टॉलीवुड अभिनेत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती ने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित कराने की माँग को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। यह मामला सोमवार, 23 जून 2026 को न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है। याचिका में बनगांव के भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता तनय शास्त्री को प्रतिवादी बनाया गया है।

मूल घटना: 25 जनवरी की रात

पूरे विवाद की जड़ 25 जनवरी की रात की एक घटना में है। मिमी चक्रवर्ती बनगांव में 'नया गोपालगंज युवक संघ' द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पहुँची थीं। रात करीब 11:45 बजे, जब वह मंच पर प्रस्तुति दे रही थीं, तब क्लब के एक पदाधिकारी तनय शास्त्री कथित तौर पर अचानक मंच पर चढ़ गए।

आरोप है कि शास्त्री ने कार्यक्रम को बीच में ही रोक दिया और अभिनेत्री को मंच से उतरने का आदेश दिया। इस घटना से मिमी चक्रवर्ती ने स्वयं को सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस किया। कार्यक्रम समाप्त होते ही उन्होंने बनगांव पुलिस थाने में तनय शास्त्री के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई।

कानूनी कार्रवाई और जमानत

मिमी चक्रवर्ती की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कदम उठाए और आरोपी को हिरासत में लिया। हालाँकि, कुछ समय बाद तनय शास्त्री को अदालत से जमानत मिल गई। जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली।

मामला यहीं नहीं थमा। जेल से बाहर आने के बाद तनय शास्त्री ने मिमी चक्रवर्ती के विरुद्ध ₹20 लाख का मानहानि का दावा भी दायर कर दिया। इसके जवाब में मिमी चक्रवर्ती ने उन्हें विधिक नोटिस भेजा।

बदला राजनीतिक माहौल और सुरक्षा की चिंता

इस बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ और राज्य में BJP सत्ता में आ गई। बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य और चल रहे कानूनी विवाद के बीच मिमी चक्रवर्ती को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएँ हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद विपक्षी नेताओं और कलाकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

आगे क्या होगा

कलकत्ता उच्च न्यायालय में दायर इस याचिका पर न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की अदालत में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। अदालत के निर्देश यह तय करेंगे कि राज्य सरकार मिमी चक्रवर्ती को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बाध्य होगी या नहीं। इस मामले की सुनवाई पश्चिम बंगाल में कला जगत और राजनीति के गठजोड़ पर एक महत्वपूर्ण नज़ीर बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उसके बाद मानहानि का मुकदमा दायर किया — यह अनुक्रम उस रणनीति की ओर इशारा करता है जिसमें कानूनी दबाव को राजनीतिक आश्रय के साथ जोड़ा जाता है। अदालत को यह तय करना होगा कि क्या राज्य सरकार उस व्यक्ति को सुरक्षा देने के लिए बाध्य है जो अब सत्तारूढ़ दल की विरोधी मानी जाती है — और यह निर्णय राज्य में कई ऐसे मामलों के लिए मिसाल बन सकता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिमी चक्रवर्ती ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर की?
मिमी चक्रवर्ती ने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित कराने की माँग को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। पश्चिम बंगाल में BJP के सत्ता में आने और प्रतिवादी तनय शास्त्री द्वारा मानहानि का मुकदमा दायर किए जाने के बाद उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएँ हैं।
बनगांव में मंच पर क्या हुआ था?
25 जनवरी की रात करीब 11:45 बजे मिमी चक्रवर्ती बनगांव में 'नया गोपालगंज युवक संघ' के सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रही थीं। आरोप है कि क्लब पदाधिकारी तनय शास्त्री कथित तौर पर मंच पर चढ़ गए, कार्यक्रम रोक दिया और उन्हें मंच से उतरने को कहा, जिससे अभिनेत्री ने स्वयं को सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस किया।
तनय शास्त्री के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
मिमी चक्रवर्ती की शिकायत पर पुलिस ने बनगांव थाने में FIR दर्ज कर तनय शास्त्री के खिलाफ कदम उठाए। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई और रिहाई के बाद उन्होंने BJP की सदस्यता ग्रहण कर ली।
तनय शास्त्री ने मिमी चक्रवर्ती पर कितने रुपये का मानहानि का मुकदमा किया?
जेल से बाहर आने के बाद तनय शास्त्री ने मिमी चक्रवर्ती के विरुद्ध ₹20 लाख का मानहानि का दावा दायर किया। इसके जवाब में मिमी चक्रवर्ती ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा।
इस मामले की सुनवाई कब और किस अदालत में होगी?
यह मामला सोमवार, 23 जून 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की अदालत के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है। अदालत के निर्देश यह तय करेंगे कि राज्य सरकार मिमी चक्रवर्ती को सुरक्षा प्रदान करेगी या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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