मिजोरम CM लालदुहोमा का आदेश: फर्जी पारिवारिक पेंशन लाभार्थी 3 महीने में PPO सरेंडर करें, वरना होगी FIR
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने 15 जुलाई 2026 को आइजोल में राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा आयोजित राज्यव्यापी जागरूकता कार्यक्रम में उन सभी लाभार्थियों से अपील की, जो फर्जी या अमान्य दस्तावेजों के आधार पर पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, कि वे तय तीन महीने की स्वैच्छिक सरेंडर विंडो के भीतर अपने पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जमा कर दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि में स्वेच्छा से PPO सरेंडर करने वालों से पहले प्राप्त पेंशन राशि की वसूली नहीं की जाएगी।
स्वैच्छिक सरेंडर विंडो: क्या है व्यवस्था
मिजोरम सरकार के वित्त विभाग ने यह कार्यक्रम उन लोगों को राहत और सुधार का अवसर देने के लिए शुरू किया है जो धोखाधड़ी या अमान्य दस्तावेजों के आधार पर पारिवारिक पेंशन ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ मामलों में यह जानबूझकर किया गया, जबकि कुछ लोगों ने अनजाने में गलत दस्तावेज जमा किए होंगे। सरकार ने दोनों श्रेणियों को तीन महीने की समय-सीमा के भीतर स्वेच्छा से PPO सरेंडर करने का अवसर दिया है, जिसके बाद पहले ली गई राशि की वसूली माफ कर दी जाएगी।
जांच और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
लालदुहोमा ने स्पष्ट किया कि स्वैच्छिक सरेंडर की समय-सीमा समाप्त होते ही सरकार की टास्क फोर्स सभी पारिवारिक पेंशन लाभार्थियों के मामलों की व्यापक फील्ड जांच शुरू करेगी। जो लोग अवैध रूप से पेंशन लेते पाए जाएंगे, उनकी पेंशन तत्काल बंद कर दी जाएगी और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जन्म प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, तलाक प्रमाण पत्र, अविवाहित होने का प्रमाण पत्र, जीवन प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र या राशन कार्ड में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर गहन जांच होगी।
दस्तावेज जारी करने वाले अधिकारी भी दायरे में
मुख्यमंत्री ने उन सरकारी अधिकारियों को भी आगाह किया जो ऐसे दस्तावेज जारी करते हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेज जारी करने वाले अधिकारियों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपेक्षा की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम पारिवारिक पेंशन प्रणाली में व्यापक स्तर पर हो रहे दुरुपयोग को जड़ से खत्म करने की सरकार की मंशा को दर्शाता है।
मिजोरम में पेंशन लाभार्थियों की वर्तमान स्थिति
आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में मिजोरम सरकार के अंतर्गत कुल 39,954 लाभार्थी पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। इनमें 22,139 सुपरएनुएशन पेंशनभोगी, 11,194 पारिवारिक पेंशन लाभार्थी, 5,629 सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर (CPPC) के माध्यम से पेंशन पाने वाले, 594 स्वैच्छिक सेवानिवृत्त, 289 स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लाभार्थी, 69 अमान्य पेंशनभोगी और 40 अनिवार्य सेवानिवृत्त शामिल हैं। इनमें से पारिवारिक पेंशन पाने वाले 11,194 लाभार्थियों की जांच इस अभियान के केंद्र में है।
पेंशन प्रणाली सुधार की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि पेंशन प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के प्रयास पहले से जारी हैं, परंतु विभिन्न कार्यालयों में पेंशन फाइलें संभालने वाले अधिकारियों के अपर्याप्त प्रशिक्षण के कारण प्रसंस्करण में देरी होती है। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति सरकार का गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी वैध पेंशनभोगियों को उनकी पेंशन सुचारू, समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले। यह कार्यक्रम मिजोरम में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और आने वाले महीनों में टास्क फोर्स की फील्ड जांच के परिणाम इस अभियान की वास्तविक सफलता का पैमाना बनेंगे।