प्रधानमंत्री मोदी 13 मार्च को 9.32 करोड़ किसानों को देंगे 18,640 करोड़ की सहायता
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी 13 मार्च को 18,640 करोड़ रुपए की सहायता जारी करेंगे।
- 9.32 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।
- इस योजना के तहत अब तक 4 लाख 9 हजार करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।
- भारत अब खाद्यान्न उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है।
- 'भारत विस्तार' नामक एआई प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है।
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को असम के गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के तहत 9.32 करोड़ किसानों के खातों में सीधे 18,640 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर करेंगे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 9 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सहायता डीबीटी के माध्यम से वितरित की जा चुकी है। इसमें 2.15 करोड़ से अधिक महिलाएं भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस सीधी वित्तीय सहायता से कृषि निवेश में वृद्धि हुई है और किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कृषि विकास और किसान कल्याण का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
पत्रकारों से बातचीत में शिवराज सिंह ने पिछले 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत अब अनाज की कमी वाले देश से निकलकर एक वैश्विक शक्ति बन गया है, जो कि सरकार की नीतियों और किसानों की मेहनत का परिणाम है। आज भारत 150 मिलियन टन चावल उत्पादन के साथ चीन को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने आगे बताया कि 2014 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 252 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 357 मिलियन टन हो गया है। फल और सब्जियों का उत्पादन भी 277 मिलियन से बढ़कर 369 मिलियन टन तक पहुंच गया है। भारत आज दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता बन गया है।
किसानों की सहायता के लिए सरकार ने 'भारत विस्तार' नामक एक एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का पहला चरण लॉन्च किया है। इसके माध्यम से किसान केवल एक फोन कॉल पर अपनी स्थानीय भाषा में खेती से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। पिछले वर्षों में, हमने एमएसपी पर गेहूं, धान, कपास, तिलहन और दलहन की रिकॉर्ड खरीदी की है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि 2014 में जो कृषि ऋण 8 लाख 45 हजार करोड़ रुपए था, वह अब बढ़कर 28 लाख 69 हजार करोड़ रुपए हो गया है। फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खातों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का क्लेम जमा किया गया है। इसके अलावा, बजट में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। यूपीए सरकार के समय का 27,000 करोड़ रुपए का कृषि बजट अब बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपए सालाना से अधिक हो गया है।