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प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के नए पीएम रॉब जेटन को दी बधाई

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प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के नए पीएम रॉब जेटन को दी बधाई

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के नए प्रधानमंत्री रॉब जेटन का स्वागत किया। जेटन के नेतृत्व में बनी अल्पमत सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। जानें इस नए गठबंधन की विशेषताएं और मोदी का जेटन के साथ काम करने का उत्साह।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के नए पीएम रॉब जेटन को बधाई दी।
जेटन ने अल्पमत सरकार का नेतृत्व किया है।
नीदरलैंड में तीन दलों का गठबंधन हुआ है।
जेटन की पार्टी को पारliament में सीमित सीटें मिली हैं।
मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।

नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के नवनियुक्त पीएम रॉब जेटन को उनके कार्यकाल की शुरुआत पर बधाई दी है। ३८ वर्षीय रॉब जेटन को देश के राजा ने प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। यह बीते चार वर्षों में तीसरी बार है जब नया डच कैबिनेट शपथ ले रहा है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "रॉब जेटन को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर बधाई। भारत और नीदरलैंड के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अच्छे संबंध हैं। मैं आपके साथ मिलकर काम करने और हमारे दोनों देशों और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं।"

जानकारी के अनुसार, जेटन तीन दलों के गठबंधन से बनी अल्पमत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। किंग विलेम-अलेक्जेंडर ने जेटन कैबिनेट को शपथ दिलाई। इसके बाद, अल्पमत कैबिनेट के सदस्य अपने मंत्रालयों में जाकर अपनी जिम्मेदारियों को संभालने लगे। परंपरा के अनुसार, पुरुष सदस्य राजा के सामने मॉर्निंग कोट पहनकर पहुंचे, और फिर शपथ ग्रहण समारोह के बाद ड्रेस बदल ली।

शपथ ग्रहण समारोह द हेग के ह्यूस टेन बॉश पैलेस में हुआ। इसके तुरंत बाद, नए कैबिनेट ने महल की सीढ़ियों पर राजा के साथ फोटो खिंचवाई। तीनों गठबंधन पार्टियों के पास १५० सीटों वाले सदन में केवल ६६ सीटें हैं। इसलिए उन्हें किसी भी कानून को पास कराने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी और लगभग हर बिल को पास कराने के लिए विपक्षी सांसदों पर निर्भर रहना होगा।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि नीदरलैंड की तीनों राजनीतिक दलों के नेताओं ने चुनावी नतीजों के तीन महीने बाद जनवरी २०२६ में एक नए गठबंधन डील पर सहमति जताई थी, जिससे नीदरलैंड्स में चुनावों के लगभग तीन महीने बाद एक अनोखी अल्पमत सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ था, जिसमें मध्यमार्गी डी६६ पार्टी को जीत हासिल हुई थी।

रॉब जेटन लिबरल-प्रोग्रेसिव, यूरोप समर्थक डी६६ पार्टी का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने रूढ़िवादी क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स और राइट-विंग वीवीडी के साथ मिलकर एक ऐसी सरकार बनाई है जिसके पास १५० सीटों वाले निचले सदन में केवल ६६ सीटें हैं।

नए गठबंधन ने इस्लाम विरोधी गीर्ट वाइल्डर्स के नेतृत्व वाली दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी (पीवीवी) के सामने चुनौती पेश की थी। डी६६ ने अक्टूबर के कड़े चुनाव में बहुत कम अंतर से जीत हासिल की थी। दोनों पार्टियों ने २६ सीटें जीती थीं, हालांकि पीवीवी के सात सांसदों ने बाद में पार्टी छोड़ दी थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के नए नेता को बधाई दी है। यह कदम दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का संकेत है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीदरलैंड की नई सरकार के गठन का कारण क्या है?
नीदरलैंड की नई सरकार का गठन तीन राजनीतिक दलों के गठबंधन से हुआ है, जिसमें अल्पमत सरकार बनाई गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जेटन को क्या कहा?
मोदी ने जेटन को उनके कार्यकाल की शुरुआत पर बधाई देते हुए भारत-नीदरलैंड के संबंधों को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।
डच कैबिनेट की शपथ ग्रहण की यह तीसरी बार क्यों है?
यह पिछले चार वर्षों में तीसरी बार है जब नया डच कैबिनेट शपथ ले रहा है।
क्या जेटन की सरकार को कानून पास करने में दिक्कत होगी?
हां, जेटन की अल्पमत सरकार को कानून पास कराने के लिए विपक्षी सांसदों पर निर्भर रहना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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