सेशेल्स में PM मोदी ने UPI समेत कई अहम MOU पर किए हस्ताक्षर, 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान से नवाजे गए
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून 2026 को विक्टोरिया, सेशेल्स में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कृषि, अंतरिक्ष अन्वेषण, डिजिटल भुगतान और स्वास्थ्य सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर हुए। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं और सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है।
मुख्य समझौते और क्षेत्र
दोनों देशों के बीच कृषि, एक्जिम बैंक, बाहरी अंतरिक्ष अन्वेषण, जनऔषधि और नए सेशेल्स नेशनल हॉस्पिटल के विकास को लेकर MOU का आदान-प्रदान किया गया। इसके अलावा, UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को सेशेल्स में लागू करने के लिए भी एक अलग समझौते पर हस्ताक्षर हुए — जो भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक और कदम है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी MOU किया गया। साथ ही, प्रोफेशनल और टेक्निकल सेंटर की वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग भी इस अवसर पर की गई, जो सेशेल्स के युवाओं के कौशल विकास के लिए समर्पित होगा।
'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान
राष्ट्रपति हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स गणराज्य के सर्वोच्च नागरिक एवं पर्यावरण सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से नवाजा। मोदी ने इस सम्मान को स्वीकार करते हुए कहा, "मैं इस सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हुए उन सभी देशों को समर्पित करता हूं, जो क्लाइमेट चेंज की चुनौती से लड़ रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण को भावी पीढ़ियों के प्रति अपना दायित्व मानते हैं।" उन्होंने इसे 140 करोड़ भारतवासियों के लिए गर्व का क्षण बताया।
आर्थिक और विकास साझेदारी
मोदी ने स्मरण दिलाया कि राष्ट्रपति हर्मिनी की फरवरी 2026 में भारत यात्रा के दौरान 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई थी। इस पैकेज के अंतर्गत सोशल हाउसिंग, परिवहन, कौशल विकास, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में काम जारी है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत ग्रीन हाइड्रोजन सहित स्वच्छ ऊर्जा, महासागर अवलोकन, समुद्री विज्ञान और तटीय प्रबंधन में अपनी विशेषज्ञता सेशेल्स के साथ साझा करेगा। गौरतलब है कि कोविड महामारी के दौरान भारत ने सेशेल्स को वैक्सीन आपूर्ति कर अपनी मित्रता का परिचय दिया था।
हिंद महासागर विजन और रणनीतिक संदेश
मोदी ने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों का "साझा घर" है और इसकी सुरक्षा, स्थिरता एवं समृद्धि दोनों की "साझा जिम्मेदारी" है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है जहां समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि भी पनपे और साझेदारी आकार नहीं, बल्कि आपसी सम्मान एवं विश्वास पर आधारित हो।
इस यात्रा के साथ भारत-सेशेल्स संबंध अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहे हैं — जहां आने वाले 50 वर्ष इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और साझा संप्रभुता के होंगे।