भारत-सेशेल्स साझेदारी: PM मोदी के दौरे में 19 अहम बिंदुओं पर सहमति, UPI से लेकर रक्षा तक का करार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन दिवसीय सेशेल्स दौरा 29 जून 2026 को सम्पन्न हुआ, जिसमें भारत और सेशेल्स के बीच 19 प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा दी गई। इस दौरे में UPI-आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली, जन औषधि योजना, ग्रीन हाइड्रोजन, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए। मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यात्रा के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और कई अहम एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग
भारत ने सेशेल्स सरकार को एक फास्ट पेट्रोल वेसल उपहार में दिया, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर की भूमिका को और सुदृढ़ करता है। इसके अतिरिक्त, सेशेल्स डिफेंस फोर्स को 10 यूटिलिटी वाहन और लेजर रेडियल क्लास बोट्स के 5 सेट सौंपे गए। सेशेल्स कोस्ट गार्ड के जहाज पीएस जोरोस्टर की मरम्मत का कार्य भी पूरा किया गया, जबकि ग्लास कॉकपिट वाले डोर्नियर एयरक्राफ्ट का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। गौरतलब है कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति के मद्देनज़र यह सहयोग भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'सागर' नीति की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
डिजिटल और आर्थिक साझेदारी
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और सेंट्रल बैंक ऑफ सेशेल्स के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिससे सेशेल्स में UPI-आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू करने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वैश्विक उपस्थिति का विस्तार है। सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस (SSIFS) और सेशेल्स के विदेश मंत्रालय एवं डायस्पोरा (MOFAD) के बीच भी एमओयू का आदान-प्रदान हुआ, जो दोनों देशों के कूटनीतिक क्षमता निर्माण को गति देगा।
मानवीय सहायता और विकास साझेदारी
भारत ने सेशेल्स को 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट प्रदान किए। ये कदम खाद्य सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे के विकास में भारत की ग्लोबल साउथ के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के लिए वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी भी आयोजित की गई, जो दीर्घकालिक संस्थागत संबंधों की नींव रखती है।
जलवायु और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग
सेशेल्स ने कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) की सदस्यता ग्रहण की, जो आपदा प्रबंधन और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को संस्थागत रूप देती है। इसके अलावा, ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, क्लाइमेट एक्शन और ब्लू इकोनॉमी में मिलकर काम करने पर भी सहमति बनी। यह ऐसे समय में आया है जब छोटे द्वीपीय देश जलवायु परिवर्तन के सर्वाधिक प्रभावित राष्ट्रों में शुमार हैं।
आगे की राह
इस दौरे से भारत-सेशेल्स संबंध केवल द्विपक्षीय स्तर पर नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र की व्यापक रणनीतिक संरचना में भी नई ऊँचाई पर पहुँचे हैं। जन औषधि योजना पर सहयोग और डिजिटल भुगतान के विस्तार से आने वाले समय में दोनों देशों के नागरिकों के बीच व्यावहारिक संबंध और प्रगाढ़ होने की उम्मीद है।