भारत-सेशेल्स: ₹1,250 करोड़ की लाइन ऑफ क्रेडिट समेत कई MOU पर हस्ताक्षर, मोदी बने नेशनल असेंबली संबोधित करने वाले पहले भारतीय PM
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 27 से 29 जून तक की सेशेल्स राजकीय यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल परिवर्तन और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय ने 28 जून को जारी बयान में बताया कि भारत ने सेशेल्स को ₹1,250 करोड़ की लाइन ऑफ क्रेडिट देने की घोषणा की है।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता और मुख्य समझौते
प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, अवैध मछली पकड़ने, मादक पदार्थों की तस्करी और समुद्री डकैती जैसी साझा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। वार्ता के बाद क्षमता निर्माण, UPI, स्वास्थ्य, कृषि, शिपिंग, अंतरिक्ष, प्रत्यर्पण और लाइन ऑफ क्रेडिट से जुड़े कई MOU का आदान-प्रदान हुआ।
50 वर्षों की राजनयिक मित्रता का उत्सव
दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संयुक्त स्मृति-लोगो का अनावरण किया। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब हिंद महासागर में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और भारत अपनी 'पड़ोसी प्रथम' तथा 'विजन महासागर' नीति के तहत द्वीपीय राष्ट्रों के साथ संबंध और गहरे करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
नेशनल असेंबली में ऐतिहासिक संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने लोकतंत्र, कानून के शासन और जन-केंद्रित सुशासन जैसे साझा मूल्यों का उल्लेख करते हुए संसदीय आदान-प्रदान को और बढ़ाने का आह्वान किया। गौरतलब है कि यह कदम भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति का हिस्सा है, जो केवल सरकारी स्तर से आगे बढ़कर विधायी और जन-संपर्क तक पहुँचती है।
मॉरीशस के PM से भी अहम मुलाकात
सेशेल्स के स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से भी मुलाकात की। नवंबर 2024 में रामगुलाम के पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह चौथी बैठक थी। बैठक में भारत-मॉरीशस उन्नत रणनीतिक साझेदारी, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, सतत विकास और ब्लू इकोनॉमी से जुड़ी चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
नई विकासात्मक पहलें और CDRI में सेशेल्स का प्रवेश
खाद्य सुरक्षा, बुनियादी ढाँचे, व्यावसायिक प्रशिक्षण और रक्षा क्षेत्र में भी कई नई विकासात्मक पहलों की घोषणा की गई। सेशेल्स ने कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) में शामिल होने की भी घोषणा की, जो भारत की पहल पर स्थापित एक वैश्विक गठबंधन है। यह यात्रा हिंद महासागर में भारत की बढ़ती कूटनीतिक और रणनीतिक उपस्थिति की दिशा में एक और सुदृढ़ कदम है।