घरेलू पर्यटन को मोदी की अपील से विदेशी मुद्रा आय में 25-30% वृद्धि संभव: होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीयों से अपील — कि वे छुट्टियाँ, शादियाँ, कॉन्फ्रेंस और अन्य आयोजनों के लिए देश के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दें — ने होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HAI) के अनुसार, भारत के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर खोल दिया है। उद्योग संगठन का अनुमान है कि इस पहल से आने वाले वर्षों में पर्यटन से जुड़ी विदेशी मुद्रा आय में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
पहल की पृष्ठभूमि और समय
HAI ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री की यह पहल ऐसे नाज़ुक वैश्विक परिवेश में सामने आई है, जब भू-राजनीतिक अस्थिरता, सुस्त आर्थिक वृद्धि और बदलते यात्रा रुझान अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाज़ार की दिशा को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। संगठन के अनुसार, स्थिर लोकतंत्र, सांस्कृतिक विविधता और बेहतर होते बुनियादी ढाँचे की बदौलत भारत उन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को तेज़ी से आकर्षित कर रहा है जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित और अनुभव-आधारित गंतव्यों की तलाश में हैं।
गौरतलब है कि भारत पहले से ही अवकाश, व्यापार, चिकित्सा और आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है — और यह पहल उस दिशा को और गति देने का काम कर सकती है।
निवेश और रोज़गार पर असर
HAI के अनुसार, यह पहल केवल घरेलू यात्रा को प्रोत्साहित करने तक सीमित नहीं है। इससे होटल, रिसॉर्ट, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस रिट्रीट और पर्यटन बुनियादी ढाँचे में बड़े पैमाने पर निवेश की राह खुलेगी। उद्योग जगत का मानना है कि इससे शहरी और ग्रामीण भारत दोनों में रोज़गार और आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
विशेष रूप से मिड-मार्केट, प्रीमियम और लग्जरी होटल, क्रूज़, हेरिटेज पर्यटन स्थल, धार्मिक पर्यटन सर्किट और MICE इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश तेज़ होने की उम्मीद जताई गई है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और रेडिसन होटल ग्रुप के दक्षिण एशिया चेयरमैन के.बी. काचरू ने कहा, "आने वाले वर्षों में भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की वृद्धि में विदेशी पर्यटकों की भूमिका बेहद अहम होगी।" उन्होंने आगे कहा, "भारत के पास विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और शानदार अनुभवों के साथ खुद को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का मौका है।"
काचरू ने यह भी कहा कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में विदेशी निवेश से निर्माण, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे सहायक क्षेत्रों को भी लाभ होगा और बड़े पैमाने पर स्थायी रोज़गार सृजित होंगे।
विदेशी मुद्रा और व्यापक आर्थिक प्रभाव
HAI का कहना है कि विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल, खानपान, स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन, रिटेल और मनोरंजन क्षेत्रों में खर्च बढ़ेगा — जिससे भारत की विदेशी मुद्रा आय में उल्लेखनीय इज़ाफ़ा होगा। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक मुद्रा बाज़ारों में अस्थिरता बनी हुई है।
नीतिगत माँगें और विज़न 2047
HAI ने ज़ोर देकर कहा कि भारत के 'विज़न 2047' रोडमैप के तहत इस क्षेत्र की पूरी क्षमता को साकार करने के लिए तेज़ मंज़ूरी प्रक्रिया, स्पष्ट नियामक ढाँचा और लक्षित प्रोत्साहन अनिवार्य होंगे। संगठन को उम्मीद है कि इस पहल से दीर्घकालिक विदेशी निवेश, वैश्विक विशेषज्ञता और तकनीकी साझेदारी को भी बढ़ावा मिलेगा। यदि नीतिगत समर्थन सही समय पर मिला, तो भारत का हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र अगले दशक में एशिया के सबसे तेज़ी से उभरते पर्यटन बाज़ारों में अपनी जगह पक्की कर सकता है।