मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की और प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया
सारांश
Key Takeaways
- मोहन यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की।
- कॉरिडोर प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया।
- दोनों राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर चर्चा की।
- आधुनिक प्रबंधन विधियों का उपयोग करने पर जोर दिया।
वाराणसी, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की और विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया।
उन्होंने गर्भगृह में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और मध्य प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि और निरंतर विकास के लिए प्रार्थना की।
सीएम ने कॉरिडोर में पहुँचते ही कहा कि प्रस्तावित मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सम्मेलन, दोनों राज्यों के बीच संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा और जन कल्याण के लिए नए अवसर खोलेगा।
सीएम यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का विस्तृत दौरा किया, जिसमें उन्होंने तीर्थयात्रियों के प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और मोबाइल ऐप आधारित टोकन प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया।
उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के साथ एक बैठक भी की, जहाँ आधुनिक प्रबंधन विधियों पर एक व्यापक प्रस्तुति दी गई, जिसमें रियल टाइम सीसीटीवी निगरानी, क्षेत्र-आधारित भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्वच्छता प्रबंधन शामिल थे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उद्घोषणा की कि बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल के तीर्थ स्थलों के बीच प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने और सूचना के आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए सबसे कुशल और सुविधाजनक व्यवस्था प्रदान करना है।"
उन्होंने पवित्र गंगा घाट का दौरा किया और कहा कि बाबा विश्वनाथ के निवास स्थान पर जाने पर जो आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है, वह वास्तव में अद्वितीय है।
इस अवसर पर मोहन यादव ने आर्थिक विकास और अवसंरचना के क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच बढ़ते सहयोग पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना दोनों राज्यों के किसानों के जीवन को बदल रही है और उन्हें सस्ती तथा निर्बाध बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है।