मोदी वैश्विक नेता, उनका नेतृत्व दुनिया के लिए मिसाल: मोंटाना गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे
सारांश
मुख्य बातें
मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'वैश्विक नेता' बताते हुए उनके 'प्रेरणादायक नेतृत्व' की सराहना की और कहा कि यह नेतृत्व शेष विश्व के लिए एक मिसाल है। भारत में व्यापार मिशन पर आए जियानफोर्टे ने मोदी को संवैधानिक पद पर 25 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे करने पर बधाई भी दी।
मोदी के नेतृत्व पर जियानफोर्टे की राय
जियानफोर्टे ने कहा, 'पीएम मोदी वैश्विक नेता हैं। मैंने हाल ही में उनके नेतृत्व पर लिखी पुस्तक 'पावर विदिन' पढ़ी है, जिसमें भारत के कठिन दौर से निकलकर वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में उभरने की यात्रा का उल्लेख किया गया है।' उन्होंने जोड़ा कि भारत ने अपनी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की बुनियाद बनाए रखते हुए नई तकनीकी क्षमताओं को भी अपनाया है।
जियानफोर्टे के अनुसार, 'प्रधानमंत्री मोदी ने पहले देश के भीतर विकास और बेहतर शासन पर ध्यान केंद्रित किया, और इसके बाद वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को मजबूत किया।' उन्होंने यह भी कहा कि मोदी ने अपने सिद्धांतों से समझौता किए बगैर कुशल नेतृत्व का प्रदर्शन किया।
जी20 और वैश्विक भूमिका
मोंटाना गवर्नर ने जी20 जैसे वैश्विक मंच पर मोदी की भूमिका को 'उल्लेखनीय' बताया। उन्होंने कहा, 'वैश्विक स्तर पर हिस्सा लेने से पहले उन्हें अपने देश में चीजें दुरुस्त करनी थीं, और उन्होंने ऐसा बखूबी किया।' जियानफोर्टे ने कहा कि मोदी ने पहले भारत और भारतीयों के लिए काम किया और फिर पूरी दुनिया को उस प्रयास में शामिल किया।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंध
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारत को प्राथमिकता दिए जाने के सवाल पर जियानफोर्टे ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार पारस्परिक और निष्पक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'भारत अपने किसानों को बहुत महत्व देता है और अमेरिका भी अपने किसानों को उतना ही महत्व देता है।' मोंटाना और भारत के बीच दलहन फसलों के व्यापार में आए उतार-चढ़ाव पर उन्होंने कहा कि मोंटाना भारत के साथ दीर्घकालिक कारोबारी संबंध चाहता है और एक व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और गहरा करेगा।
भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर प्रतिक्रिया
इंटरव्यू के दौरान भारतीय पायलट स्मित मच्छार को लेकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पेश किए गए प्रस्ताव पर जियानफोर्टे ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने उनकी बहादुरी को मान्यता देकर उचित कदम उठाया है। उन्होंने बताया, 'जब को-पायलट ने पायलट पर हमला किया, तब विमान में सवार प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी उसके हाथ में थी।' जियानफोर्टे ने मच्छार को 'हीरो' बताते हुए कहा कि उनकी बहादुरी को सम्मानित किया जाना उचित है और उन्होंने संकट की स्थिति में साहस दिखाकर पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। गौरतलब है कि इस प्रस्ताव में घटना को आतंकवादी कृत्य के रूप में भी वर्णित किया गया है।
क्या होगा आगे
जियानफोर्टे की यह भारत यात्रा मोंटाना और भारत के बीच व्यापारिक साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। मोंटाना की कृषि अर्थव्यवस्था और भारत की दलहन माँग एक स्वाभाविक कारोबारी पुल बनाती है, जिसे औपचारिक समझौते से और मजबूती मिल सकती है।