चांद की रोशनी का अद्भुत प्रतिबिंब 'मूनग्लिंट': जानें कैसे और कब बनता है?
सारांश
Key Takeaways
- मूनग्लिंट चांद की रोशनी का पानी की सतह पर प्रतिबिंब है।
- यह तभी बनता है जब पानी की सतह शांत हो।
- इसकी तस्वीरें लेना मुश्किल होता है।
- फ्लोरिडा कीज़ और क्यूबा में मूनग्लिंट के दृश्य प्रसिद्ध हैं।
- यह दृश्य अंतरिक्ष से देखने पर बेहद खूबसूरत लगता है।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पृथ्वी अपनी अद्भुतता और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। अंतरिक्ष से देखने पर यह छोटी-छोटी चीजों को भी एक नया रूप देती है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर कार्यरत अंतरिक्ष यात्री अक्सर पृथ्वी की अद्भुत घटनाओं को अपने कैमरे में कैद करते हैं।
इसी क्रम में एक विशेष दृश्य को कैद किया गया है, जिसे ‘मूनग्लिंट’ के नाम से जाना जाता है। इस चित्र में रात के समय फ्लोरिडा प्रायद्वीप और क्यूबा का दृश्य दर्शाया गया है, जहां समुद्र की सतह पर चांद की रोशनी का चमकीला प्रतिबिंब साफ तौर पर देखा जा सकता है।
यह तस्वीर अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा द्वारा 19 मार्च 2025 को साझा की गई थी, जब आसमान साफ था और चांद की रोशनी पूर्णिमा की तुलना में लगभग 78 प्रतिशत थी।
मूनग्लिंट का अर्थ है चांद की रोशनी का पानी की सतह पर पड़ने वाला प्रतिबिंब। यह सटीक रूप से उसी तरह कार्य करता है जैसे दिन के समय ‘सनग्लिंट’ (सूरज की चमक) होता है। जब चांद की रोशनी समुद्र या किसी बड़े जल क्षेत्र की सतह पर टकराती है और उसी कोण पर वापस अंतरिक्ष यात्री की तरफ परावर्तित होती है, तो एक चमकीला और केंद्रित प्रकाश बिंदु बनता है, जिसे मूनग्लिंट कहते हैं।
यह अद्भुत घटना केवल तभी संभव होती है जब पानी की सतह शांत हो और चांद का कोण सही हो। अंतरिक्ष से देखने पर यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लग रहा है। इस तस्वीर में मूनग्लिंट फ्लोरिडा कीज़ और क्यूबा के ऊपर केंद्रित है, जो समुद्र की गहराई पर चांद की रोशनी का अद्भुत प्रतिबिंब दर्शाता है। तस्वीर में फ्लोरिडा के प्रमुख शहर जैसे मियामी, फोर्ट लॉडरडेल, टैम्पा, सेंट पीटर्सबर्ग और ऑरलैंडो रोशनी में नहाए हुए नजर आ रहे हैं।
इस तस्वीर का फील्ड ऑफ व्यू इंसानी आंख के लगभग बराबर है, जो पृथ्वी की गोलाई और क्षितिज पर हल्की एयरग्लो (वायुमंडल की चमक) को भी दिखाता है। तस्वीर में एवरग्लेड्स नेशनल पार्क और लेक ओकीचोबी जैसे प्राकृतिक क्षेत्र गहरे अंधेरे हिस्सों के रूप में नजर आ रहे हैं। मूनग्लिंट की तस्वीरें लेना अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भी दुर्लभ होता है क्योंकि इसके लिए सही समय, सही कोण और साफ मौसम की आवश्यकता होती है।