17 अगस्त 2026
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जयपुर के आमेर में सीआरपीएफ कैंपस के पास मोर्टार शेल मिला, बम निरोधक दस्ते ने दोपहर 2 बजे किया निष्क्रिय

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जयपुर के आमेर में सीआरपीएफ कैंपस के पास मोर्टार शेल मिला, बम निरोधक दस्ते ने दोपहर 2 बजे किया निष्क्रिय

सारांश

जयपुर के आमेर में सीआरपीएफ कैंपस के पास खेत में मोर्टार शेल मिलने से हड़कंप मच गया। एक स्थानीय महिला की सतर्कता से समय पर सूचना मिली और आठ मिनट में पहुँची टीम ने दोपहर 2 बजे नियंत्रित विस्फोट से शेल को निष्क्रिय किया — बड़ा हादसा टला।

मुख्य बातें

17 अगस्त 2026 को जयपुर के आमेर स्थित ठकराला की ढाणी के खेत में मोर्टार शेल मिला।
एक स्थानीय महिला ने सुबह 10:30 बजे संदिग्ध वस्तु देखी और पुलिस को सूचित किया।
सिविल डिफेंस और आमेर पुलिस की टीम सूचना मिलने के आठ मिनट के भीतर मौके पर पहुँची।
बम निरोधक दस्ते ने दोपहर 2 बजे नियंत्रित विस्फोट से शेल निष्क्रिय किया।
SHO गौतम डोटासरा ने मामला दर्ज कर शेल के स्रोत की जाँच शुरू की।

जयपुर के आमेर इलाके में सोमवार, 17 अगस्त 2026 की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सीआरपीएफ कैंपस के समीप ठकराला की ढाणी (वार्ड नंबर 148) के एक खेत में एक संदिग्ध वस्तु पाई गई। बम निरोधक दस्ते की जाँच में यह वस्तु मोर्टार शेल निकली, जिसे दोपहर करीब 2 बजे आबादी से दूर एक सुनसान स्थान पर नियंत्रित विस्फोट के ज़रिये सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया।

कैसे मिला मोर्टार शेल

सुबह करीब 10:30 बजे एक स्थानीय महिला खेत के पास से गुजर रही थी, तभी उसकी नज़र एक संदिग्ध वस्तु पर पड़ी। महिला ने तुरंत अपने परिवार को सूचित किया और स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी। सूचना मिलते ही आमेर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुँच गई और वहाँ जमा भीड़ को तत्काल हटा दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर अमित शर्मा ने बताया कि कंट्रोल रूम को सुबह 11:05 बजे आधिकारिक सूचना मिली और सुरक्षाकर्मी मात्र आठ मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुँच गए। शुरुआती जाँच के बाद बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया, जिसने वस्तु की पहचान मोर्टार शेल के रूप में की। इसके बाद शेल को सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्र से दूर ले जाया गया।

शेल को एक गहरे गड्ढे में रखकर दोपहर करीब 2 बजे नियंत्रित विस्फोट से नष्ट किया गया। विस्फोट के दौरान जोरदार धमाका सुनाई दिया, जिससे आसपास के लोग क्षणभर के लिए सहम गए।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

आमेर स्टेशन हाउस ऑफिसर गौतम डोटासरा ने पुष्टि की कि मोर्टार शेल गाँव के खेत में कचरे के बीच मिला था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस बात की जाँच शुरू कर दी है कि शेल कहाँ से आया और खेत तक कैसे पहुँचा। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शेल कितने समय से वहाँ पड़ा था।

ऑपरेशन में शामिल टीम

सिविल डिफेंस के अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व अमित शर्मा ने किया। इसमें सीडीई असरार अहमद, राजेश कुमार, यूनुस खान, मोहम्मद बिलाल, दीपक सैनी और घनश्याम शर्मा शामिल रहे। सभी जवानों की त्वरित कार्रवाई से किसी भी प्रकार की जनहानि टल गई।

आगे क्या होगा

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मोर्टार शेल का स्रोत क्या था और यह सीआरपीएफ कैंपस के इतने नज़दीक कैसे पहुँचा। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाता है। जाँच के नतीजे सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना यह भी उजागर करती है कि सुरक्षा परिसरों के आसपास नागरिक क्षेत्रों की निगरानी को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर के आमेर में मोर्टार शेल कहाँ मिला?
मोर्टार शेल जयपुर के आमेर इलाके में वार्ड नंबर 148 स्थित 'ठकराला की ढाणी' के एक खेत में कचरे के बीच मिला, जो सीआरपीएफ कैंपस के नज़दीक है। 17 अगस्त 2026 की सुबह एक स्थानीय महिला ने इसे देखा।
मोर्टार शेल को कैसे निष्क्रिय किया गया?
बम निरोधक दस्ते ने शेल को आबादी से दूर एक सुनसान स्थान पर ले जाकर गहरे गड्ढे में रखा और दोपहर करीब 2 बजे नियंत्रित विस्फोट के ज़रिये उसे निष्क्रिय किया। इस दौरान जोरदार धमाका सुनाई दिया।
पुलिस को सूचना कैसे मिली और कितनी जल्दी पहुँची?
एक स्थानीय महिला ने परिवार को बताया और स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया। सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर अमित शर्मा के अनुसार, कंट्रोल रूम को सुबह 11:05 बजे सूचना मिली और टीम मात्र आठ मिनट में मौके पर पहुँच गई।
शेल कहाँ से आया, इसकी जाँच हो रही है?
आमेर SHO गौतम डोटासरा ने पुष्टि की है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शेल कहाँ से आया और खेत में कैसे पहुँचा। जाँच जारी है।
इस ऑपरेशन में कौन-कौन शामिल थे?
ऑपरेशन का नेतृत्व सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर अमित शर्मा ने किया। इसमें सीडीई असरार अहमद, राजेश कुमार, यूनुस खान, मोहम्मद बिलाल, दीपक सैनी और घनश्याम शर्मा शामिल रहे।
राष्ट्र प्रेस
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