14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जबलपुर में खुदाई के दौरान मिला 12 किलो का जिंदा मोर्टार बम, बम स्क्वॉड और सेना मौके पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जबलपुर में खुदाई के दौरान मिला 12 किलो का जिंदा मोर्टार बम, बम स्क्वॉड और सेना मौके पर

सारांश

जबलपुर के गधेरी गांव में मकान की नींव खोदते वक्त मजदूरों को 4 फीट नीचे 12 किलो का जिंदा मोर्टार बम मिला। बम स्क्वॉड और सेना ने इलाका घेरा, शनिवार को डिफ्यूज करने की तैयारी। बम की उम्र और वहां पहुंचने का कारण अभी अज्ञात।

मुख्य बातें

जबलपुर के गधेरी गांव में 29 मई की शाम मकान निर्माण के दौरान 12 किलो का जिंदा मोर्टार बम मिला।
बम सुनील यादव के प्लॉट पर चार फीट की गहराई में पाया गया।
बम निरोधक दस्ता और सेना मौके पर पहुंचे; पूरे इलाके की घेराबंदी की गई।
थाना प्रभारी राजकुमार खटीक के अनुसार बम अभी तक डिफ्यूज नहीं हुआ; शनिवार को कार्रवाई होगी।
शुरुआती जांच में यह पुराना सैन्य मोर्टार बम प्रतीत होता है, लेकिन अंतिम पुष्टि विशेषज्ञ टीम करेगी।
बम की उम्र और गांव में इसके पहुंचने का कारण अभी अज्ञात है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट के निकट गधेरी गांव में 29 मई की शाम मकान निर्माण के दौरान खुदाई में एक 12 किलो का जिंदा मोर्टार बम मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। थाना प्रभारी राजकुमार खटीक के अनुसार, बम अभी तक निष्क्रिय नहीं किया गया है और शनिवार को विशेषज्ञ टीम की निगरानी में इसे डिफ्यूज किए जाने की योजना है।

घटनाक्रम: कैसे मिला बम

शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे सुनील यादव के प्लॉट पर मजदूर पिलर के लिए गड्ढा खोद रहे थे। लगभग चार फीट की गहराई पर उन्हें एक भारी लोहे जैसी वस्तु मिली, जो पुराने बम जैसी दिखती थी। शुरुआत में ग्रामीण इसे पहचान नहीं सके, लेकिन ध्यान से देखने पर उसमें विस्फोटक जैसी संरचना नज़र आई। इसके बाद मजदूरों ने तुरंत काम रोककर पुलिस को सूचित किया।

पुलिस और बम निरोधक दस्ते की कार्रवाई

सूचना मिलते ही पुलिस टीम और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया। प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह 12 किलो का मोर्टार बम हो सकता है। पूरे इलाके को घेराबंदी कर दी गई और आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। फिलहाल किसी को भी घटनास्थल के नज़दीक जाने की अनुमति नहीं है।

सेना और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना

थाना प्रभारी राजकुमार खटीक ने बताया कि इस मामले की जानकारी सेना और वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया बम स्क्वॉड और आर्मी की संयुक्त निगरानी में की जाएगी। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह सैन्य उपयोग का पुराना मोर्टार बम प्रतीत होता है, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि विशेषज्ञ टीम ही करेगी।

अनुत्तरित सवाल: बम कितना पुराना, यहां कैसे पहुंचा

अधिकारियों के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह बम कितने वर्ष पुराना है और गधेरी गांव में यह किस परिस्थिति में दबा था। गौरतलब है कि जबलपुर ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र रहा है और यहां पुराने सैन्य प्रतिष्ठान मौजूद हैं, जिससे इस क्षेत्र में पुराने युद्धकालीन विस्फोटक मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच जारी है।

आगे क्या होगा

शनिवार को विशेषज्ञ टीम बम को डिफ्यूज करने का प्रयास करेगी। तब तक इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी। पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां दशकों से सैन्य प्रतिष्ठान रहे हैं, वहां विस्फोटकों का पुराना भंडार ज़मीन के नीचे दबा हो सकता है। सवाल यह है कि क्या नगर निगम और रक्षा मंत्रालय के बीच ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण अनुमति देने से पहले पर्याप्त समन्वय होता है। इस घटना के बाद प्रशासन को न केवल इस बम को निष्क्रिय करना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि आसपास के क्षेत्रों की विधिवत जांच हो।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जबलपुर में मिला बम कहां और कैसे मिला?
यह बम जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के पास गधेरी गांव में सुनील यादव के प्लॉट पर मकान निर्माण के दौरान मिला। 29 मई की शाम मजदूर पिलर के लिए गड्ढा खोद रहे थे, जब चार फीट की गहराई पर 12 किलो का मोर्टार बम मिला।
क्या यह बम अभी भी खतरनाक है?
थाना प्रभारी राजकुमार खटीक के अनुसार बम जीवित अवस्था में है और अभी तक डिफ्यूज नहीं किया गया है। शनिवार को बम स्क्वॉड और सेना की संयुक्त टीम इसे निष्क्रिय करेगी।
यह बम कितना पुराना है और वहां कैसे पहुंचा?
अधिकारियों के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बम कितना पुराना है या वहां किन परिस्थितियों में पहुंचा। शुरुआती जांच में यह पुराना सैन्य मोर्टार बम प्रतीत होता है, लेकिन अंतिम पुष्टि विशेषज्ञ टीम करेगी।
इलाके के लोगों को क्या करना चाहिए?
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास घेराबंदी कर दी है और किसी को भी नज़दीक जाने की अनुमति नहीं है। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
इस मामले में सेना की क्या भूमिका है?
पुलिस ने सेना और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी है। बम को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज करने की पूरी प्रक्रिया बम स्क्वॉड और आर्मी की संयुक्त निगरानी में की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले