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जबलपुर में पाँच मंजिला इमारत ढही, समय पर खाली कराने से बड़ा हादसा टला

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जबलपुर में पाँच मंजिला इमारत ढही, समय पर खाली कराने से बड़ा हादसा टला

सारांश

जबलपुर के बड़ा फुहारा इलाके में मंगलवार शाम एक पाँच मंजिला पुरानी व्यावसायिक इमारत ढह गई, लेकिन जिला प्रशासन की समय पर की गई कार्रवाई — इमारत को खतरनाक घोषित कर पहले ही खाली कराना — ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया। मानसून में जर्जर इमारतों के खतरे का यह जीता-जागता उदाहरण है।

मुख्य बातें

जबलपुर के बड़ा फुहारा इलाके में 7 जुलाई 2026 की शाम 7:30 बजे एक पाँच मंजिला पुरानी व्यावसायिक इमारत ढह गई।
जिला प्रशासन ने इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर खाली करा लिया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
इमारत कोतवाली क्षेत्र के राजा जैन और राकेश जैन की बताई जा रही है; प्रशासन ने मालिकों को तलब किया।
पुलिस , दमकल विभाग , नगर निगम और एम्बुलेंस टीमें घटनास्थल पर तुरंत पहुँचीं, तलाशी अभियान चलाया।
BJP सांसद आशीष दुबे ने घटनास्थल का दौरा किया और मानसून में पुरानी इमारतों की निगरानी की ज़रूरत पर बल दिया।
IMD ने अगले 24 घंटों में जबलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज का पूर्वानुमान जारी किया है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में 7 जुलाई 2026 की शाम बड़ा फुहारा इलाके में एक पाँच मंजिला पुरानी व्यावसायिक इमारत भारी बारिश के दौरान ढह गई। जिला प्रशासन ने इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर खाली करा लिया था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

मुख्य घटनाक्रम

शाम करीब 7:30 बजे इमारत अचानक गिर पड़ी, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। हालाँकि, प्रशासन की पूर्व सतर्कता के चलते इमारत में उस समय कोई मौजूद नहीं था। इमारत कोतवाली क्षेत्र के निवासी राजा जैन और राकेश जैन की बताई जा रही है और इसका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए हो रहा था, जिसमें व्यापार से संबंधित सामान रखा हुआ था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, नगर निगम के अधिकारी और एम्बुलेंस टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। इलाके को घेरकर बचाव दल ने तलाशी अभियान चलाया और यह सुनिश्चित किया कि मलबे में कोई भी व्यक्ति दबा न हो।

प्रशासन की भूमिका

अधिकारियों के अनुसार, जिला प्रशासन ने इमारत की जर्जर स्थिति और मानसून के मौसम में बढ़ते जोखिमों को देखते हुए इसे पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था। इमारत के गिरने से पूर्व उसे खाली करा लिया गया था, जो इस हादसे में किसी की जान बचने की प्रमुख वजह रही।

स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद आशीष दुबे ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा, 'सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस, नगर निगम और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे और प्रशासन स्थिति पर नज़र रख रहा है।' दुबे ने यह भी कहा कि यह घटना मानसून के मौसम में पुरानी इमारतों से उत्पन्न जोखिमों की पहचान करने और उन्हें समय पर दूर करने के महत्व को रेखांकित करती है।

इमारत का स्वामित्व और जाँच

प्रशासन ने इमारत के मालिकों — राजा जैन और राकेश जैन — को बुलाया है। इमारत की स्थिति, स्वामित्व और संरचनात्मक खामियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मलबा हटाने का काम जारी है और जन सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र को नियंत्रण में रखा गया है।

मौसम की स्थिति और आगे का अनुमान

यह घटना ऐसे समय हुई जब मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। जबलपुर में मंगलवार को भारी वर्षा दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों में जबलपुर सहित कई जिलों में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। गौरतलब है कि मानसून के दौरान जर्जर इमारतों के गिरने की घटनाएँ देश के कई हिस्सों में हर साल सामने आती हैं, जो शहरी निकायों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

आम जनता पर असर

बड़ा फुहारा जबलपुर के व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में से एक है। इमारत के ढहने से आसपास की दुकानों और यातायात पर असर पड़ा। प्रशासन ने क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। मलबा हटने के बाद ही इलाके में सामान्य गतिविधियाँ बहाल हो सकेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़ी समस्या की ओर भी इशारा करती है जो हर मानसून में सामने आती है — शहरी निकायों द्वारा जर्जर इमारतों की पहचान अक्सर तब होती है जब खतरा सिर पर आ जाता है। इस बार प्रशासन ने सही वक्त पर कदम उठाया, लेकिन देश के दर्जनों शहरों में हर साल इमारत गिरने से होने वाली मौतें बताती हैं कि यह सतर्कता नियम नहीं, अपवाद है। असली सवाल यह है कि क्या नगर निगम के पास जर्जर इमारतों का नियमित और पारदर्शी ऑडिट तंत्र है — और क्या इस घटना के बाद जबलपुर में ऐसे बाकी ढाँचों की भी जाँच होगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जबलपुर में कौन सी इमारत गिरी और कब?
7 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे जबलपुर के बड़ा फुहारा इलाके में एक पाँच मंजिला पुरानी व्यावसायिक इमारत ढह गई। यह इमारत कोतवाली क्षेत्र के राजा जैन और राकेश जैन की बताई जा रही है।
क्या इमारत गिरने में कोई हताहत हुआ?
नहीं, कोई भी हताहत नहीं हुआ। जिला प्रशासन ने इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर खाली करा लिया था, इसलिए गिरते समय कोई व्यक्ति अंदर मौजूद नहीं था।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
पुलिस, दमकल विभाग, नगर निगम और एम्बुलेंस टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। इमारत मालिकों को प्रशासन ने तलब किया है।
मध्य प्रदेश में मानसून को लेकर IMD का क्या पूर्वानुमान है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों में जबलपुर समेत मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
राष्ट्र प्रेस
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