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मुंबई एयरपोर्ट के बाहर ₹62.5 लाख के 251 नकली स्टांप पेपर बरामद, दो गिरफ्तार

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मुंबई एयरपोर्ट के बाहर ₹62.5 लाख के 251 नकली स्टांप पेपर बरामद, दो गिरफ्तार

सारांश

मुंबई क्राइम ब्रांच ने घरेलू एयरपोर्ट के बाहर ₹62.5 लाख के 251 नकली स्टांप पेपर के साथ दो आरोपियों को दबोचा। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि नरेंद्र आहिरे इस रैकेट का सरगना है। अदालत ने दोनों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।

मुख्य बातें

मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-8 ने 29 मई 2026 को मुंबई घरेलू हवाई अड्डे के बाहर से ₹62,50,500 मूल्य के 251 नकली गैर-न्यायिक स्टांप पेपर बरामद किए।
गिरफ्तार आरोपी हैं — रोहित जाधव (37) , बदलापुर, और नरेंद्र आहिरे (46) , कोपरखैराने; प्रत्येक स्टांप पेपर की कीमत ₹25,000 ।
जाँच में नरेंद्र आहिरे के कथित मुख्य सरगना होने की आशंका; उसने जाधव को आगे सप्लाई के लिए पेपर सौंपे थे।
एस्प्लेनेड कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।
क्राइम ब्रांच नकली स्टांप पेपर की छपाई के स्रोत, वितरण नेटवर्क और अन्य संलिप्त सदस्यों की जाँच कर रही है।

मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-8 ने 29 मई 2026 को मुंबई घरेलू हवाई अड्डे के बाहर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से ₹62,50,500 मूल्य के 251 नकली गैर-न्यायिक स्टांप पेपर बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ये दस्तावेज़ किसी अन्य व्यक्ति तक पहुँचाने की फिराक में थे, और जाँचकर्ताओं का मानना है कि इस मामले के पीछे एक बड़ा संगठित रैकेट सक्रिय हो सकता है।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान रोहित जाधव (37), निवासी बदलापुर, और नरेंद्र आहिरे (46), निवासी कोपरखैराने, के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच की टीम ने एयरपोर्ट के बाहर दोनों को रोककर तलाशी ली, जिसमें उनके पास से नकली स्टांप पेपर का जखीरा मिला। प्रत्येक स्टांप पेपर की अंकित कीमत ₹25,000 बताई जा रही है।

रैकेट की संरचना

जाँच में सामने आया है कि नरेंद्र आहिरे इस पूरे रैकेट का कथित मुख्य सरगना हो सकता है। पुलिस के अनुसार, आहिरे ने ये नकली स्टांप पेपर रोहित जाधव को आगे सप्लाई करने के लिए सौंपे थे। पुलिस को आशंका है कि इन जाली दस्तावेज़ों का उपयोग विभिन्न गैर-न्यायिक कार्यों और वित्तीय लेनदेन में किया जाना था।

अदालती कार्रवाई

दोनों आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। यह हिरासत क्राइम ब्रांच को जाँच की गहराई तक जाने और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने का अवसर देती है।

जाँच का दायरा

मुंबई क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये नकली स्टांप पेपर कहाँ छापे गए, इन्हें किस अंतिम उपयोगकर्ता तक पहुँचाया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। गौरतलब है कि नकली स्टांप पेपर घोटाले भारत में नए नहीं हैं — 2003 का अब्दुल करीम तेलगी स्कैम इसी तरह के जाली दस्तावेज़ों से जुड़ा था और उसमें हज़ारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र पुलिस संगठित वित्तीय अपराधों पर शिकंजा कसने की मुहिम में है।

क्राइम ब्रांच की अन्य कार्रवाई

इसी दौरान, मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक अलग ऑपरेशन में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर विदेशी हथियार बेचने के इरादे से मुंबई पहुँचे थे। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10:45 बजे चलाए गए इस ऑपरेशन में तीनों को रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपियों के पास से तीन पिस्तौल, मैगजीन और 45 कारतूस बरामद हुए, जिन पर 'मेड इन चाइना' अंकित था। जाँच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये हथियार देश में किस रास्ते से लाए गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में नकली स्टांप पेपर कहाँ छापे गए और इनकी माँग कहाँ थी — क्योंकि बिना खरीदार के यह सप्लाई चेन नहीं चलती। 2003 के तेलगी घोटाले के बाद स्टांप पेपर प्रणाली में सुधार के तमाम दावे किए गए थे, फिर भी ऐसे रैकेट सामने आते रहते हैं, जो यह दर्शाता है कि निगरानी तंत्र में अभी भी बड़ी खामियाँ हैं। सात दिन की पुलिस हिरासत जाँच के लिए पर्याप्त समय है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या क्राइम ब्रांच केवल वाहकों तक सीमित रहती है या नेटवर्क की जड़ तक पहुँचती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई एयरपोर्ट के बाहर क्या बरामद हुआ?
मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-8 ने घरेलू हवाई अड्डे के बाहर से 251 नकली गैर-न्यायिक स्टांप पेपर बरामद किए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹62,50,500 है। प्रत्येक स्टांप पेपर की अंकित कीमत ₹25,000 बताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या थी?
गिरफ्तार आरोपी रोहित जाधव (37), निवासी बदलापुर, और नरेंद्र आहिरे (46), निवासी कोपरखैराने हैं। पुलिस के अनुसार, आहिरे कथित रूप से इस रैकेट का सरगना है, जिसने जाधव को नकली स्टांप पेपर आगे सप्लाई करने के लिए सौंपे थे।
नकली स्टांप पेपर का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाता है?
पुलिस के अनुसार, इन नकली गैर-न्यायिक स्टांप पेपरों का उपयोग विभिन्न कानूनी और वित्तीय लेनदेन में असली दस्तावेज़ों की जगह किए जाने की आशंका है। इनका दुरुपयोग संपत्ति पंजीकरण, अनुबंध और अन्य वैधानिक कार्यों में हो सकता है।
अदालत ने आरोपियों को कितनी हिरासत में भेजा?
एस्प्लेनेड कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है, ताकि क्राइम ब्रांच नकली स्टांप पेपर के स्रोत और नेटवर्क की पूरी जाँच कर सके।
क्राइम ब्रांच आगे किस दिशा में जाँच कर रही है?
मुंबई क्राइम ब्रांच अब यह पता लगा रही है कि नकली स्टांप पेपर कहाँ छापे गए, इन्हें किस व्यक्ति या संस्था को पहुँचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। जाँचकर्ताओं को एक बड़े संगठित रैकेट के सक्रिय होने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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