3 जुलाई 2026
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मुंबई में भारी बारिश: मिलिंद देवड़ा ने BMC से स्कूल बंद करने और वर्क फ्रॉम होम की माँग की

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मुंबई में भारी बारिश: मिलिंद देवड़ा ने BMC से स्कूल बंद करने और वर्क फ्रॉम होम की माँग की

सारांश

मुंबई में रेड अलर्ट और 24 घंटे में पेड़ गिरने की 99 से अधिक घटनाओं के बीच शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने BMC आयुक्त से स्कूल-कॉलेज तत्काल बंद करने और नियोक्ताओं से वर्क फ्रॉम होम लागू करने की माँग की — जन सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए।

मुख्य बातें

मुंबई में 3 जुलाई 2026 को भारी बारिश के साथ रेड अलर्ट जारी।
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने BMC आयुक्त अश्विनी भिड़े से स्कूल-कॉलेज तत्काल बंद करने की माँग की।
पिछले 24 घंटों में पेड़ या शाखाएँ गिरने की 99 से अधिक घटनाएँ , शॉर्टसर्किट के 13 और दीवार गिरने व जलभराव की 6 घटनाएँ दर्ज।
देवड़ा ने नियोक्ताओं से भी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की अपील की।
BMC की मानसून तैयारियों और जवाबदेही पर देवड़ा पहले भी सवाल उठा चुके हैं।

मुंबई में 3 जुलाई 2026 को तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे पूरे शहर का जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। शहर में रेड अलर्ट जारी होने के बाद शिवसेना के सांसद मिलिंद देवड़ा ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) आयुक्त अश्विनी भिड़े से स्कूल-कॉलेज तत्काल बंद करने और नियोक्ताओं से वर्क फ्रॉम होम लागू करने की माँग की है।

मिलिंद देवड़ा की माँग

मिलिंद देवड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुंबई में रेड अलर्ट जारी है और पूरे शहर में पेड़ गिरने, भीषण जलभराव तथा मौसम संबंधी दुर्घटनाओं की खबरें आ रही हैं। उन्होंने BMC आयुक्त से ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद खुले स्कूलों और कॉलेजों को तुरंत बंद करने की घोषणा करने का आग्रह किया।

देवड़ा ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया, 'एक भी शैक्षणिक दिन हमारे बच्चों और छात्रों के जीवन को खतरे में डालने लायक नहीं है।' उन्होंने नियोक्ताओं से भी अपील की कि जहाँ तक संभव हो, कर्मचारियों को स्थिति सुधरने तक घर से काम करने की अनुमति दें, ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव घटे।

मुख्य घटनाक्रम: नुकसान का ब्यौरा

पिछले 24 घंटों में बारिश के कारण पेड़ या उनकी शाखाएँ गिरने की 99 से अधिक घटनाएँ दर्ज की गई हैं। इसके अलावा शॉर्टसर्किट के 13 मामले और दीवार गिरने व जलभराव की 6 घटनाएँ भी सामने आई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की शुरुआत के साथ ही मुंबई की बुनियादी ढाँचागत तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।

BMC की जवाबदेही पर सवाल

गौरतलब है कि इससे पहले भी मिलिंद देवड़ा ने मुंबई में एक मैनहोल से जुड़ी दुर्घटना के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की मानसून-पूर्व तैयारियों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि BMC को अधिक जवाबदेह बनाने की ज़रूरत है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

यह पहली बार नहीं है जब मानसून के दौरान मुंबई में स्कूल बंद करने की माँग उठी हो — हर साल जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाएँ इस बहस को नए सिरे से जन्म देती हैं, लेकिन दीर्घकालिक समाधान अभी तक अधूरे हैं।

राजनीतिक संदर्भ

देवड़ा ने इस बीच ऑपरेशन टाइगर से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि पार्टी को मज़बूत बनाना ही उनका लक्ष्य है, ताकि सरकार अधिक प्रभावी ढंग से जनता की समस्याओं का समाधान कर सके।

आम जनता पर असर और आगे क्या

रेड अलर्ट के बीच मुंबईवासियों को अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। BMC की ओर से स्कूल बंद करने पर अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है। मौसम विभाग के अनुमानों और शहर में जारी नुकसान को देखते हुए प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि हर मानसून में यही नौबत क्यों आती है। BMC हर साल मानसून-पूर्व तैयारियों का दावा करती है, फिर भी 24 घंटे में 99 से अधिक पेड़ गिरने की घटनाएँ यह बताती हैं कि शहर की बुनियादी ढाँचागत कमज़ोरियाँ जस की तस हैं। स्कूल बंद करना तात्कालिक राहत है, स्थायी समाधान नहीं — और जब तक जल निकासी व्यवस्था और पेड़ों की नियमित छँटाई पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, यह बहस अगले मानसून में फिर लौटेगी।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिलिंद देवड़ा ने BMC से क्या माँग की है?
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने BMC आयुक्त अश्विनी भिड़े से मुंबई में रेड अलर्ट के मद्देनज़र ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद खुले स्कूलों और कॉलेजों को तत्काल बंद करने की घोषणा करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने नियोक्ताओं से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की भी अपील की है।
मुंबई में 3 जुलाई को बारिश से कितना नुकसान हुआ?
पिछले 24 घंटों में पेड़ या उनकी शाखाएँ गिरने की 99 से अधिक घटनाएँ दर्ज की गई हैं। इसके अलावा शॉर्टसर्किट के 13 मामले और दीवार गिरने व जलभराव की 6 घटनाएँ भी सामने आई हैं।
मुंबई में रेड अलर्ट का मतलब क्या है और इसका असर क्या होगा?
रेड अलर्ट का अर्थ है अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी, जिसमें नागरिकों को बेहद ज़रूरी होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी जाती है। इससे स्कूल-कॉलेज बंद करने, आपातकालीन सेवाएँ सक्रिय रखने और यातायात प्रतिबंध जैसे एहतियाती कदम उठाए जाते हैं।
देवड़ा ने BMC की जवाबदेही पर पहले भी सवाल उठाए हैं?
हाँ, इससे पहले मुंबई में एक मैनहोल दुर्घटना के बाद मिलिंद देवड़ा ने BMC की मानसून-पूर्व तैयारियों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की थी।
वर्क फ्रॉम होम की अपील क्यों की गई?
देवड़ा का तर्क है कि कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने से अनावश्यक यात्रा कम होगी और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव घटेगा। रेड अलर्ट के दौरान सड़कों पर भीड़ कम रहने से बचाव कार्य भी आसान होता है।
राष्ट्र प्रेस
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