मुंबई: ₹2 लाख के उधारी विवाद में युवक को 48 घंटे बंधक, पीटा और निर्वस्त्र किया — 5 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के डोंगरी इलाके में ₹2 लाख के उधारी विवाद ने एक क्रूर अपहरण का रूप ले लिया, जब 33 वर्षीय सचिन रणपिसे को 8 जून से 10 जून 2025 के बीच एक लॉज में बंधक बनाकर बेरहमी से प्रताड़ित किया गया। पुलिस के अनुसार, पीड़ित को 48 घंटे तक भूखा-प्यासा रखा गया, चमड़े की बेल्ट से मारा गया और कथित तौर पर निर्वस्त्र कर लॉज के कॉरिडोर में चलने के लिए मजबूर किया गया। डोंगरी पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर पाँचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस के बयान के अनुसार, सचिन रणपिसे ने कुछ समय पूर्व एक आरोपी से ₹2 लाख उधार लिए थे। आर्थिक कठिनाइयों के कारण वह तय समय पर रकम नहीं लौटा सके और उन्होंने कुछ दिनों की मोहलत माँगी। आरोपी तत्काल वसूली पर अड़े रहे और उन्होंने सचिन के अपहरण की योजना बनाई।
8 जून को सचिन को जबरन डोंगरी स्थित बाबा दरगाह के पास एमएम रेजीडेंसी लॉज के कमरा नंबर 104 में बंद कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान उन्हें न खाना दिया गया, न पानी। आरोपियों ने चमड़े की बेल्ट से लगातार पिटाई की, जिससे सिर, हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। कथित तौर पर मानसिक उत्पीड़न के लिए उन्हें निर्वस्त्र कर कॉरिडोर में चलने पर मजबूर किया गया।
पीड़ित की रिहाई और पुलिस कार्रवाई
11 जून को किसी तरह आरोपियों की पकड़ से छूटने के बाद सचिन ने डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुँचकर पूरी घटना की जानकारी दी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्राइम डिटेक्शन टीम ने तत्काल जाँच शुरू की। प्रारंभिक जाँच में सीसीटीवी फुटेज से कोई ठोस सुराग नहीं मिला, लेकिन स्थानीय खुफिया तंत्र की सहायता से पुलिस ने मजगांव इलाके से पाँचों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है — अब्दुल्लाह शौकत भुसारी (21), जुनैद कायमुद्दीन खान (26), मोहम्मद साद पठान (26), अराफात हशम खानानी (24) और साहिल शेख (25)। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात से संबंधित कुछ सामग्री भी बरामद की है।
पुलिस का बयान और आगे की जाँच
डोंगरी पुलिस ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले की विस्तृत जाँच जारी है। यह घटना मुंबई में उधारी विवादों से जुड़ी हिंसा की बढ़ती घटनाओं की पृष्ठभूमि में सामने आई है, जो कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।