महाराष्ट्र विधान परिषद उपसभापति सचिन अहीर के घर से ₹2.65 करोड़ की चोरी, एक नौकर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के वर्ली स्थित गुलरुख बिल्डिंग में महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति और शिवसेना (शिंदे गुट) के एमएलसी सचिन अहीर के परिवार के घर से पिछले पाँच वर्षों में कथित तौर पर ₹2.65 करोड़ से अधिक के सोने के गहने, हीरे के आभूषण और नकदी की चोरी का मामला सामने आया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस सिलसिले में घर के एक पुराने नौकर को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
मामले का घटनाक्रम
13 अक्टूबर 2025 को कथित शॉर्ट सर्किट से घर में आग लग गई थी, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुँचा। परिवार ने शुरुआत में यह मान लिया था कि घरेलू खर्च के लिए रखी गई नकदी आग में जलकर नष्ट हो गई। हालाँकि, बाद में जब सीसीटीवी फुटेज की जाँच की गई, तो रिकॉर्डिंग के कुछ अहम हिस्से गायब पाए गए, जिसने संदेह को और गहरा कर दिया। इसके बाद सचिन अहीर ने मुंबई क्राइम ब्रांच में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
चोरी गए सामान का विवरण
पुलिस के अनुसार, चोरी गए सामान में 100 ग्राम का सोने का बिस्किट, हीरे जड़े सोने के कंगन, हीरे जड़ी सोने की अंगूठी, पाँच हीरे के हार, हीरे की अंगूठियाँ, चाँदी के गिलास, चाँदी की थालियाँ और लोटे शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में नकद राशि भी चोरी हुई बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक यह चोरी किसी एक घटना में नहीं, बल्कि पाँच वर्षों में व्यवस्थित तरीके से की गई।
गिरफ्तारी और जाँच
वर्ली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू की। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रवीण रमेश सोलंकी को गिरफ्तार किया, जो पिछले 24 वर्षों से अहीर परिवार के घर में काम कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, सोलंकी ने चोरी का सामान बेचने और उससे मिली रकम अपने साथियों में बाँटने की बात कबूल कर ली है। अदालत ने आरोपी को 28 जुलाई 2026 तक क्राइम ब्रांच की हिरासत में भेज दिया है। जाँच क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजतिलक रोशन की देखरेख में चल रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में शिंदे गुट केंद्र में है। एक वरिष्ठ विधायी पदाधिकारी के घर पर इस तरह की दीर्घकालिक चोरी की घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। गौरतलब है कि सचिन अहीर के बेटे कृष्णा अहीर अपने परिवार के साथ वर्ली सी फेस पर स्थित इसी गुलरुख बिल्डिंग में निवास करते हैं। पुलिस अब शेष तीन फरार आरोपियों की सक्रिय तलाश कर रही है।
आगे क्या होगा
क्राइम ब्रांच फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों और सोलंकी के बयान का उपयोग कर रही है। 28 जुलाई को अदालत में अगली पेशी के बाद जाँच की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है। चोरी के सामान की बरामदगी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी इस मामले की अगली अहम कड़ी होगी।