हैलाकांडी चोरी कांड: पुलिस ने 5 आरोपी दबोचे, 21 ग्राम सोना-चांदी के गहने बरामद
सारांश
मुख्य बातें
असम के हैलाकांडी पुलिस ने 20 जुलाई 2026 को नतूनपारा इलाके में बौराघाट पेट्रोल पंप के मालिक स्वपन दास के आवास पर हुई चोरी के सिलसिले में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 21 ग्राम सोने और चाँदी के आभूषण बरामद किए हैं, हालाँकि चोरी गई नकदी और कुछ अन्य कीमती गहने अभी तक नहीं मिले हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रविवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। अभियान के दौरान पाँच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंगौटी गाँव निवासी रिजु अहमद मजूमदार, बहादुरपुर निवासी अकबर हुसैन लस्कर, गंगपार धूमकर निवासी ई-रिक्शा चालक जाबेदुल हक, उसी गाँव के प्रसेनजीत रॉय तथा हैलाकांडी शहर के चिराजपट्टी स्थित ताज महल ज्वैलर्स के मालिक नहारुल इस्लाम बारभुइयां के रूप में हुई है।
संगठित नेटवर्क की आशंका
प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि सभी आरोपियों की इस वारदात में अलग-अलग भूमिकाएँ थीं। कुछ आरोपी चोरी की घटना को अंजाम देने में सीधे शामिल थे, जबकि कुछ ने अपराधियों को फरार होने में सहायता की। ज्वैलर्स के मालिक नहारुल इस्लाम बारभुइयां पर चोरी के गहनों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त होने का आरोप है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे मामले में एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। जाँच दल इस नेटवर्क की समस्त कड़ियों को जोड़ने में जुटा है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
बरामदगी और कानूनी प्रक्रिया
जाँच के दौरान बरामद 21 ग्राम सोने और चाँदी के आभूषणों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। बरामद सामान की पहचान कराकर उसे वास्तविक मालिक को सौंपने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, चोरी गई नकदी और कुछ अन्य कीमती सोने के गहने अभी तक बरामद नहीं हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से इस संबंध में लगातार पूछताछ की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
हैलाकांडी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेष चोरी की सामग्री बरामद करने के लिए अभियान निरंतर जारी है। अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि जल्द ही बाकी नकदी और कीमती आभूषण भी बरामद कर लिए जाएंगे। यह मामला दर्शाता है कि चोरी जैसी वारदातों में भी अब संगठित गिरोह सक्रिय हो रहे हैं, जो स्थानीय ज्वैलर्स के माध्यम से माल की खपत करते हैं।