जर्मन राजदूत डॉ. विएक ने मझगांव डॉक का दौरा किया, पनडुब्बी और समुद्री तकनीक सहयोग पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारत में जर्मनी के राजदूत डॉ. जॉन जैस्पर विएक ने बुधवार, 17 सितंबर 2026 को मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) का दौरा किया और कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन के साथ पनडुब्बी निर्माण व समुद्री तकनीकी सहयोग पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने इस यात्रा को अपनी दिल्ली से बाहर की पहली यात्रा बताते हुए 'शानदार' करार दिया।
मुंबई दौरे का उद्देश्य
राजदूत विएक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'दिल्ली के बाहर अपनी पहली यात्रा में, मैं भारत-जर्मनी के 70 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए खूबसूरत और जीवंत मुंबई पहुंचा।' गौरतलब है कि इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IGCC) वर्ष 2026 में अपनी 70वीं सालगिरह मना रहा है, जबकि भारत और जर्मनी के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध मार्च 1951 में स्थापित हुए थे, जिनके 75 वर्ष भी इसी साल पूरे हो रहे हैं।
दौरे में राजदूत के साथ महावाणिज्यदूत क्रिस्टोफ एंड्रियास हेल्मुथ हॉलियर और जर्मन दूतावास में आर्थिक एवं वैश्विक मामलों के प्रथम सचिव सेबेस्टियन बोर्चमेयर भी शामिल थे।
MDL में क्या हुई चर्चा
जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने MDL की जहाज निर्माण और पनडुब्बी निर्माण सुविधाओं का अवलोकन किया तथा कंपनी के सीएमडी और वरिष्ठ प्रबंधन से मुलाकात की। MDL द्वारा एक्स पर साझा किए गए अपडेट के अनुसार, बातचीत में भारत और जर्मनी की दीर्घकालिक साझेदारी, विशेष रूप से MDL और TKMS (ThyssenKrupp Marine Systems) के बीच पनडुब्बी निर्माण और प्रौद्योगिकी सहयोग के मज़बूत संबंधों पर विशेष ज़ोर दिया गया।
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी नौसेना क्षमता विस्तार के लिए स्वदेशी पनडुब्बी निर्माण कार्यक्रमों को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है और TKMS जैसी जर्मन कंपनियाँ इसमें तकनीकी भागीदारी की दृष्टि से अहम मानी जाती हैं।
शेंगेन वीजा टीम से संवाद
राजदूत विएक ने इस दौरान शेंगेन वीजा टीम से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि भारत में हर साल 2 लाख जर्मन वीजा जारी किए जाते हैं, जिसे उन्होंने 'उत्साहवर्धक' बताया। शेंगेन वीजा यूरोप के 29 देशों में 180 दिनों की अवधि में अधिकतम 90 दिनों की यात्रा की अनुमति देता है।
द्विपक्षीय संबंधों का संदर्भ
यह यात्रा भारत-जर्मनी के बहुआयामी संबंधों को रेखांकित करती है — जिसमें रक्षा, व्यापार और जन-संपर्क तीनों आयाम एक साथ दिखे। व्यापार जगत के प्रतिनिधियों, MDL प्रबंधन और वीजा टीम के साथ एक ही दिन में इस संवाद ने राजदूत के पहले मुंबई दौरे को कूटनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय बना दिया।
आगे MDL और TKMS के बीच एडवांस्ड समुद्री तकनीक में और अधिक सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत जारी रहने की उम्मीद है।