मुंबई प्रेस क्लब को मिला धमकी भरा ईमेल, बॉम स्क्वाड की जांच में कोई संदिग्ध नहीं
सारांश
Key Takeaways
- मुंबई प्रेस क्लब को धमकी भरा ईमेल मिला।
- बॉम स्क्वाड की जांच में कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला।
- ईमेल में बम विस्फोट की धमकी दी गई थी।
- पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और क्लब को खाली कराया।
- जांच जारी है, साइबर टीम विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई प्रेस क्लब को शुक्रवार को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया कि इमारत के भीतर जहर गैस से भरे कई छोटे बम रखे गए हैं, जो शुक्रवार दोपहर विस्फोट करेंगे। मुंबई बॉम स्क्वाड ने अपनी जांच पूरी कर ली है और किसी भी प्रकार का संदिग्ध सामान बरामद नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, ईमेल प्राप्त होते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की। प्रेस क्लब परिसर और उसके आस-पास तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। बम निरोधक दल और डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय पर टाला जा सके।
ईमेल भेजने वाले ने अपना नाम नीरजा अजमल खान बताया और उन्होंने खुद को कोयंबटूर के मुसलमानों का प्रतिनिधि बताया। वे कुछ राजनीतिक आरोप भी लगाते हैं, जिसमें यह कहा गया है कि उनके साथ अन्याय हुआ है और उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। मेल में यह भी कहा गया है कि उनके पास सीमित संसाधन थे और उन्होंने इन्हीं का उपयोग करके मुंबई प्रेस क्लब को लक्ष्य बनाया है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल नुकसान पहुंचाना है और लोगों से इमारत खाली करने का अनुरोध किया है।
ईमेल में नक्सलियों और पाकिस्तान से संबंधित कुछ गुप्त नेटवर्क का भी उल्लेख किया गया है, जिससे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। मुंबई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है। ईमेल किस आईडी से भेजा गया, उसकी लोकेशन क्या है और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं, इन सभी पहलुओं पर साइबर टीम काम कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह ईमेल प्रोटॉन मेल सर्विस के माध्यम से भेजा गया है, जिसे ट्रैक करना आसान नहीं होता। मुंबई प्रेस क्लब के अध्यक्ष समर खडस ने कहा कि क्लब के सचिव को बम रखने की सूचना दी गई थी। मुंबई पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की और उन्हें जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
वहीं, मुंबई पुलिस का कहना है कि ईमेल मिलने के बाद प्रेस क्लब को खाली करवाकर जांच पूरी कर ली गई है। इस दौरान किसी भी प्रकार का कोई संदिग्ध सामान बरामद नहीं हुआ।