केलोंग में ICMR-CHAMP हाई-एल्टीट्यूड रिसर्च सेंटर का शिलान्यास करेंगे जेपी नड्डा, लाहौल-स्पीति को मिलेगी बड़ी सुविधा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा सोमवार को हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के केलोंग में आईसीएमआर सेंटर फॉर हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ रिसर्च (ICMR-CHAMP) की आधारशिला रखेंगे। यह केंद्र इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के अंतर्गत स्थापित किया जा रहा है। यह देश के उच्च-हिमालयी और जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों पर केंद्रित बहु-विषयक शोध और स्वास्थ्य सेवा नवाचार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
सेंटर की स्थापना का उद्देश्य
हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में अत्यधिक ऊँचाई, कठोर मौसम, दुर्गम भूगोल, भौगोलिक अलगाव और तेज़ी से बदलती जलवायु के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी विशेष चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं। ये कारक बीमारियों के पैटर्न, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच, व्यावसायिक स्वास्थ्य और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर सीधा प्रभाव डालते हैं।
ICMR-CHAMP का उद्देश्य इन्हीं कठिन परिस्थितियों में रहने और काम करने वाले समुदायों के लिए वैज्ञानिक प्रमाण एकत्र करना और अनुकूलनीय एवं व्यापक रूप से लागू किए जा सकने वाले स्वास्थ्य समाधान विकसित करना है।
शोध के प्रमुख क्षेत्र
सेंटर के अनुसंधान दायरे में अनेक महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। इनमें उच्च-ऊँचाई पर शरीर की कार्यप्रणाली और अनुकूलन, पर्वतीय चिकित्सा, जलवायु-संवेदनशील और उभरती संक्रामक-असंक्रामक बीमारियाँ, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं व्यावसायिक स्वास्थ्य, तथा आपदा चिकित्सा जैसे विषय प्रमुख हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जोखिम तेज़ी से बढ़ रहे हैं और इन क्षेत्रों पर केंद्रित समर्पित शोध संस्थान की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
तकनीकी नवाचार पर ज़ोर
सेंटर दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, टेलीमेडिसिन, ड्रोन-आधारित हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स और रियल-टाइम पब्लिक हेल्थ सर्विलांस के एकीकरण की संभावनाओं पर भी शोध करेगा। यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र में उच्च-ऊँचाई और आदिवासी समुदायों के साथ निरंतर फील्ड रिसर्च के लिए एक अहम संस्थागत मंच भी बनेगा।
राष्ट्रीय और वैश्विक महत्व
उम्मीद जताई जा रही है कि यह सेंटर आदिवासी स्वास्थ्य, आपदा तैयारी, डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार और जलवायु-अनुकूल स्वास्थ्य प्रणालियों से जुड़ी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में योगदान देगा। साथ ही, उच्च-ऊँचाई चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक शोध समुदाय में भी भारत की भूमिका को सुदृढ़ करेगा।
समारोह में प्रमुख उपस्थिति
शिलान्यास समारोह में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। यह सेंटर भविष्य में हिमालयी स्वास्थ्य शोध का एक राष्ट्रीय केंद्र बनने की क्षमता रखता है।