शिलांग में मेघालय का पहला हाई परफॉरमेंस स्पोर्ट्स साइंस सेंटर लॉन्च, अभिनव बिंद्रा की कंपनी का सहयोग
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड कोंगकल संगमा ने 16 अक्टूबर 2026 को शिलांग में राज्य के पहले 'हाई परफॉरमेंस स्पोर्ट्स साइंस सेंटर' का उद्घाटन किया। यह केंद्र एथलीटों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, प्रदर्शन विश्लेषण और चोट से उबरने की विशेष सुविधाएँ एक ही छत के नीचे प्रदान करेगा। यह पहल मेघालय को पूर्वोत्तर भारत में खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में खड़ा करती है।
केंद्र की स्थापना और साझेदारी
यह केंद्र अभिनव फ्यूचुरिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड (AFL) के सहयोग से स्थापित किया गया है। AFL भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा के नेतृत्व में काम करती है। यह साझेदारी तब शुरू हुई जब AFL ने 'ओलंपिक वैल्यूज एजुकेशन प्रोग्राम' (OVEP) पर हस्ताक्षर के दौरान राज्य के अधिकारियों को इस केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव दिया।
केंद्र में उपलब्ध सुविधाएँ
इस केंद्र में परफॉरमेंस एनालिटिक्स, शारीरिक मूल्यांकन, विशेष कंडीशनिंग और पुनर्वास सेवाएँ एकीकृत रूप में उपलब्ध हैं। यहाँ बायोमेट्रिक और बायोमैकेनिकल मूल्यांकन, मोशन एनालिसिस और स्ट्रेंथ टेस्टिंग की अत्याधुनिक सुविधाएँ मौजूद हैं।
इन उपकरणों की मदद से एथलीट और उनके कोच प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ आकलन कर सकेंगे, कमज़ोरियाँ पहचान सकेंगे और व्यक्तिगत प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर सकेंगे। गौरतलब है कि ऐसी एकीकृत खेल विज्ञान सुविधाएँ अभी तक मुख्यतः महानगरों तक ही सीमित रही हैं।
किन एथलीटों को होगा फायदा
राज्य सरकार के अनुसार, यह केंद्र हर स्तर के खिलाड़ियों के लिए उपयोगी होगा — जमीनी स्तर के खेल विकास कार्यक्रमों से जुड़ी उभरती प्रतिभाओं से लेकर राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे एलीट खिलाड़ियों तक। चोट से बचाव, उसके प्रबंधन और पुनर्वास के लिए विशेष कंडीशनिंग सहायता भी दी जाएगी।
सरकार की प्रतिक्रिया और विजन
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसा मज़बूत खेल इकोसिस्टम तैयार करना है जिसमें जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान से लेकर एलीट स्तर का प्रदर्शन शामिल हो। उन्होंने लिखा, "कल के चैंपियन आज रखी गई नींव से ही तैयार होते हैं।"
यह पहल राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को वैज्ञानिक संसाधनों से जोड़कर एक दीर्घकालिक खेल पाइपलाइन बनाने पर केंद्रित है।
आगे की राह
यह केंद्र मेघालय में खेल बुनियादी ढाँचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य अपने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण ढाँचे में निवेश बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में इस केंद्र से निकले एथलीटों का प्रदर्शन ही इस पहल की असली कसौटी होगी।