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आरएमएल अस्पताल में देश का पहला इमर्शन कूलिंग सेंटर, हीटस्ट्रोक के इलाज में क्रांतिकारी कदम

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आरएमएल अस्पताल में देश का पहला इमर्शन कूलिंग सेंटर, हीटस्ट्रोक के इलाज में क्रांतिकारी कदम

सारांश

भारत में पहली बार आरएमएल अस्पताल ने हीटस्ट्रोक के इलाज के लिए इमर्शन कूलिंग सुविधा शुरू की है — जहाँ मरीज को ठंडे पानी में डुबोकर तापमान घटाया जाता है। दो मरीज़ सफलतापूर्वक ठीक हो चुके हैं और अब यह मॉडल देशभर के अस्पतालों में अपनाने की तैयारी है।

मुख्य बातें

राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली ने भारत की पहली इमर्शन कूलिंग सुविधा शुरू की।
यह केंद्र वर्ष 2024 से संचालित है और 24 घंटे उपलब्ध रहता है।
सुविधा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विकसित हुई।
अब तक दो गंभीर मरीजों का सफल इलाज कर छुट्टी दी जा चुकी है।
देश के अन्य अस्पताल भी इस इमर्शन कूलिंग मॉडल को अपनाने की तैयारी में हैं।
अजय चौहान ने हीटवेव में दोपहर बाहर न निकलने और लस्सी, छाछ, बेल शरबत पीने की सलाह दी।

नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ने भीषण गर्मी और हीटवेव के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए भारत की पहली इमर्शन कूलिंग सुविधा शुरू की है, जिसमें हीटस्ट्रोक से पीड़ित मरीज के शरीर को पानी में डुबोकर तेज़ी से तापमान कम किया जाता है। यह सुविधा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम की देखरेख में विकसित की गई है, जो राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के तहत संचालित होती है।

इमर्शन कूलिंग तकनीक क्या है

इमर्शन कूलिंग एक अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धति है जिसमें हीटस्ट्रोक के गंभीर मरीज को ठंडे पानी से भरे टब में लिटाकर शरीर का तापमान तेज़ी से सामान्य स्तर पर लाया जाता है। डॉ. अजय चौहान ने बताया, "दुनिया भर में इमर्शन कूलिंग को सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है, लेकिन भारत में पहले ऐसी कोई सुविधा मौजूद नहीं थी। इसलिए हमने विचार-विमर्श कर पहली बार इसे आरएमएल अस्पताल में शुरू किया।" इस केंद्र में आइस टब, बाथ टब, कूलिंग सिस्टम, पंखे और एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

हीट वेव सेंटर का संचालन और उपलब्धि

अस्पताल का हीट वेव सेंटर वर्ष 2024 से संचालित हो रहा है और यह 24 घंटे सातों दिन उपलब्ध रहता है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल उपचार सुनिश्चित हो सके। डॉ. चौहान के अनुसार, अब तक हीट से जुड़ी गंभीर समस्याओं से पीड़ित दो मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज कर उन्हें स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।

देशव्यापी विस्तार की तैयारी

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में हर वर्ष गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और जलवायु परिवर्तन के कारण हीटस्ट्रोक के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, आरएमएल अस्पताल के इस इमर्शन कूलिंग मॉडल को अब देश के अन्य अस्पताल भी अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि इसी उद्देश्य से गंभीर गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष कूलिंग गाइडलाइन भी तैयार की गई है।

विशेषज्ञ की सलाह: हीटवेव में क्या करें

डॉ. चौहान ने आम नागरिकों से हीटवेव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया कि अत्यंत आवश्यक न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। लस्सी, छाछ और बेल के शरबत जैसे पेय पदार्थों का सेवन लाभकारी बताया गया है। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखने पर ज़ोर दिया।

आगे की राह

आरएमएल अस्पताल का यह प्रयोग भारत में हीटवेव प्रबंधन के लिए एक नई दिशा तय कर सकता है। जैसे-जैसे अन्य संस्थान इस मॉडल को अपनाएँगे, देशभर में हीटस्ट्रोक के गंभीर मामलों में मृत्युदर को कम करने की संभावना बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि एक अस्पताल में सफल पायलट को राष्ट्रीय स्तर पर कितनी तेज़ी से विस्तार मिलेगा, जबकि भारत के अधिकांश सरकारी अस्पताल बुनियादी संसाधनों की कमी से जूझते हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण हीटवेव की तीव्रता और आवृत्ति दोनों बढ़ रही हैं, फिर भी अब तक केवल एक केंद्र तैयार हो पाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए असली परीक्षा यह है कि इस मॉडल को जिला-स्तरीय अस्पतालों तक पहुँचाने की समयसीमा और बजट कब तय होगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमर्शन कूलिंग सुविधा क्या है और यह कैसे काम करती है?
इमर्शन कूलिंग एक चिकित्सा तकनीक है जिसमें हीटस्ट्रोक के गंभीर मरीज को ठंडे पानी से भरे टब में लिटाकर शरीर का तापमान तेज़ी से सामान्य किया जाता है। डॉ. अजय चौहान के अनुसार, इसे दुनिया भर में हीटस्ट्रोक के इलाज का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
आरएमएल अस्पताल का हीट वेव सेंटर कब से चल रहा है?
आरएमएल अस्पताल का हीट वेव सेंटर वर्ष 2024 से संचालित हो रहा है। यह केंद्र 24 घंटे, सातों दिन उपलब्ध रहता है ताकि आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।
क्या यह सुविधा सरकारी कार्यक्रम के तहत है?
हाँ, यह सुविधा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम की देखरेख में विकसित की गई है, जो राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के तहत कार्य करता है।
हीटवेव के दौरान आम लोगों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
डॉ. अजय चौहान ने सलाह दी है कि दोपहर के समय अत्यंत आवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। लस्सी, छाछ और बेल के शरबत जैसे पेय पदार्थ लाभकारी हैं, तथा बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखना ज़रूरी है।
क्या यह मॉडल अन्य अस्पतालों में भी लागू होगा?
अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, आरएमएल अस्पताल के इमर्शन कूलिंग मॉडल को देश के अन्य अस्पताल भी अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। बढ़ते हीटवेव के खतरे को देखते हुए यह विस्तार ज़रूरी माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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