नागालैंड में प्रीमियम कॉफी उत्पादन की बड़ी संभावना: राज्यपाल नंद किशोर यादव की समीक्षा बैठक
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने 1 सितंबर 2026 को कोहिमा स्थित लोक भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विश्वास व्यक्त किया कि सतत संस्थागत सहयोग, उन्नत बुनियादी ढाँचे, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और प्रभावी बाज़ार संपर्क के साथ नागालैंड देश में प्रीमियम कॉफी के एक प्रमुख उत्पादक राज्य के रूप में उभर सकता है। यह बैठक कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया और राज्य के लैंड रिसोर्सेज डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित की गई, जिसमें राज्य में कॉफी खेती की प्रगति, चुनौतियों और भावी संभावनाओं का व्यापक मूल्यांकन किया गया।
कॉफी खेती की मौजूदा स्थिति
लोक भवन के एक अधिकारी के अनुसार, कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया और लैंड रिसोर्सेज डिपार्टमेंट के संयुक्त प्रयासों से नागालैंड में कॉफी की खेती पिछले कुछ वर्षों में लगातार विस्तार पा रही है। फिलहाल राज्य के कई जिलों में अरेबिका और रोबस्टा — दोनों प्रजातियों की खेती की जा रही है। बैठक में कॉफी बोर्ड ने पूर्वोत्तर क्षेत्र और नागालैंड में कॉफी उत्पादन की स्थिति पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें उत्पादकता वृद्धि, गुणवत्ता सुधार और मशीनीकरण की पहलों को रेखांकित किया गया।
किसानों को मिल रहा संस्थागत सहयोग
अधिकारी ने बताया कि कॉफी बोर्ड ने वित्तीय सहायता, सुखाने के यार्ड (ड्राइंग यार्ड), मशीनीकरण उपकरण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को प्रत्यक्ष सहायता प्रदान की है। राज्यपाल यादव ने खेती और उन्नत कृषि पद्धतियों से लेकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग तक — पूरी कॉफी वैल्यू चेन को सुदृढ़ करने के लिए एकीकृत और समन्वित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और वैल्यू एडिशन के ज़रिए किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय उद्यमियों व युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित करने को प्राथमिकता बताया।
क्षेत्र के सामने प्रमुख चुनौतियाँ
बैठक में इस क्षेत्र की संरचनात्मक चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा हुई। इनमें दुर्गम परिवहन मार्ग, अपर्याप्त सड़क संपर्क, सीमित प्रोसेसिंग बुनियादी ढाँचा, जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न जोखिम, भूमि के छोटे जोत, कुशल श्रमिकों की कमी और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक सीमित पहुँच शामिल हैं। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के अधिकांश कृषि-उत्पाद इन्हीं संरचनात्मक बाधाओं के कारण अपनी पूर्ण बाज़ार क्षमता तक नहीं पहुँच पाते।
उभरते अवसर और नागालैंड का कॉफी इकोसिस्टम
बैठक में उपस्थित विशेषज्ञों ने स्पेशलिटी कॉफी उत्पादन, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन, कॉफी टूरिज्म, वैल्यू एडिशन, स्थानीय रोस्टिंग उद्यमों, कैफे कल्चर, ई-कॉमर्स और युवा उद्यमिता के क्षेत्रों में नागालैंड की असीम संभावनाओं को रेखांकित किया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कॉफी रोस्टर्स, कैफे और उद्यमियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, जो एक जीवंत स्थानीय कॉफी इकोसिस्टम के उभरने का संकेत देती है। घरेलू बाज़ार में प्रीमियम और स्पेशलिटी कॉफी की बढ़ती माँग राज्य के किसानों और उद्यमियों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रस्तुत करती है।
आगे की राह
राज्यपाल नंद किशोर यादव ने बैठक के अंत में स्पष्ट किया कि नागालैंड की भौगोलिक परिस्थितियाँ और जैव-विविधता प्रीमियम कॉफी उत्पादन के लिए अनुकूल हैं, बशर्ते कि इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर किया जाए और किसानों को बाज़ार से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा जाए। आने वाले समय में प्रशिक्षण कार्यक्रमों, मशीनीकरण और ब्रांडिंग पहलों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।