क्या छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 6 नक्सली ढेर होने से नक्सलमुक्त प्रदेश का संकल्प मजबूत हुआ?

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क्या छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 6 नक्सली ढेर होने से नक्सलमुक्त प्रदेश का संकल्प मजबूत हुआ?

सारांश

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में 6 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। क्या यह नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत करेगा?

मुख्य बातें

नारायणपुर में 6 नक्सलियों का ढेर होना सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने जवानों की बहादुरी की सराहना की है।
31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों से नक्सलियों का गढ़ कमजोर हो रहा है।
राज्य और केंद्र सरकार का संकल्प नक्सलवाद के खिलाफ दृढ़ है।

नारायणपुर, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। माओवादियों की गतिविधियों की सटीक जानकारी मिलने के बाद, सुरक्षा बलों द्वारा आयोजित संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान एक मुठभेड़ में अब तक 6 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, साथ ही भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवानों को बधाई दी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सीएम साय ने लिखा, "नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में नक्सलियों के खिलाफ चल रही सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई में अब तक 6 नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने की जानकारी मिली है। इस ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबल के सभी वीर जवानों को बधाई देता हूं और उनके अदम्य साहस को नमन करता हूं। जवानों के पराक्रम से 'नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़' का हमारा संकल्प और भी मजबूत हुआ है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हम 31 मार्च 2026 तक देश को पूर्णतः नक्सलमुक्त करने के संकल्प की सिद्धि के लिए दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं। जय हिंद, जय छत्तीसगढ़!"

ज्ञात हो कि शुक्रवार को दोपहर से अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान 6 नक्सलियों के शव मिले। इसके अतिरिक्त, एके-47 राइफल, एसएलआर राइफल, अन्य हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं। फिलहाल ऑपरेशन जारी है और जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिक जानकारी साझा नहीं की जा रही है।

अबूझमाड़ क्षेत्र एक लंबे समय से माओवादियों का गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि, लगातार हो रही कार्रवाइयों से उनकी कमर टूट रही है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित यह लक्ष्य कि 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त किया जाएगा, इस दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई न केवल राज्य की सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है, बल्कि यह भारत सरकार के नक्सलवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प को भी दर्शाती है। यह कदम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी शांति और विकास के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य क्या है?
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नक्सलवाद को समाप्त करना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना है।
क्या इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की संख्या कम होगी?
जी हां, लगातार ऐसी कार्रवाइयों से नक्सलियों की गतिविधियों में कमी आ रही है।
मुख्यमंत्री का इस पर क्या कहना है?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवानों की बहादुरी को सराहा है और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को मजबूत बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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