बंडी भागीरथ को POCSO मामले में अंतरिम जमानत नहीं, पिता बंडी संजय बोले — 'न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा'

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बंडी भागीरथ को POCSO मामले में अंतरिम जमानत नहीं, पिता बंडी संजय बोले — 'न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा'

सारांश

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने POCSO मामले में केंद्रीय मंत्री बंडी संजय के बेटे भागीरथ को अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया। साढ़े पाँच घंटे की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति माधवी देवी ने अगले सप्ताह आदेश देने का संकेत दिया। भागीरथ स्वेच्छा से पुलिस के सामने पेश हुए।

मुख्य बातें

तेलंगाना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति टी.
माधवी देवी ने 16 मई 2026 को बंडी भागीरथ को POCSO मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार किया।
अवकाशकालीन पीठ ने आधी रात तक लगभग साढ़े पाँच घंटे दलीलें सुनीं; अगले सप्ताह विस्तृत आदेश अपेक्षित।
बंडी भागीरथ गिरफ्तार नहीं हुए — वे स्वयं दो वकीलों के साथ पेट बशीरबाद पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए पेश हुए।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने एक्स पर कहा — 'कानून के समक्ष सभी समान हैं; मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।' भागीरथ का कहना है कि उन्होंने कोई गलती नहीं की; मामले की सुनवाई अगले सप्ताह जारी रहेगी।

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 16 मई 2026 को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के पुत्र बंडी भागीरथ को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) के अंतर्गत दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति टी. माधवी देवी की अवकाशकालीन एकल न्यायाधीश पीठ ने पीड़िता का बयान देखने के बाद कोई अंतरिम आदेश देने से मना किया और संकेत दिया कि अगले सप्ताह विस्तृत आदेश पारित किया जा सकता है।

कोर्ट में क्या हुआ

अवकाशकालीन पीठ ने आधी रात तक — लगभग साढ़े पाँच घंटे — दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। न्यायमूर्ति माधवी देवी ने स्पष्ट किया कि पीड़िता के बयान की समीक्षा के बाद वे अंतरिम राहत देने की स्थिति में नहीं हैं। अदालत ने अगले सप्ताह अंतिम आदेश देने का संकेत दिया है।

मंत्री बंडी संजय का बयान

फैसले के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने एक्स पर लिखा: 'कानून और न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान के साथ, आज मेरे बेटे बंडी भागीरथ को हमारे वकीलों के माध्यम से तेलंगाना पुलिस के समक्ष जाँच के लिए पेश किया गया। चाहे मेरा अपना बेटा हो या कोई आम नागरिक, कानून के समक्ष सभी समान हैं।'

मंत्री ने आगे कहा: 'कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श करने और उपलब्ध साक्ष्य उनके समक्ष रखने के बाद हमें सलाह दी गई कि मामले का उचित निपटारा कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होगा। मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है — न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन न्याय से इनकार नहीं किया जा सकता।'

पुलिस के समक्ष स्वेच्छा से पेश हुए भागीरथ

मंत्री ने एक अन्य पोस्ट में स्पष्ट किया कि बंडी भागीरथ को गिरफ्तार नहीं किया गया। वे स्वयं दो वकीलों की उपस्थिति में पेट बशीरबाद पुलिस स्टेशन, हैदराबाद में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। भागीरथ ने लगातार यह कहा है कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है।

मामले का पृष्ठभूमि और महत्त्व

यह ऐसे समय में आया है जब POCSO मामलों में राजनीतिक हस्तियों के परिजनों की संलिप्तता को लेकर देशभर में संवेदनशीलता बढ़ी है। गौरतलब है कि तेलंगाना पुलिस ने इस मामले में स्वतंत्र रूप से जाँच जारी रखी है। अदालत का अगले सप्ताह का आदेश यह तय करेगा कि भागीरथ को गिरफ्तारी-पूर्व जमानत मिलती है या नहीं।

आगे क्या होगा

न्यायमूर्ति माधवी देवी अगले सप्ताह अंतरिम जमानत याचिका पर विस्तृत आदेश पारित करेंगी। तब तक बंडी भागीरथ की कानूनी टीम उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखती रहेगी। मामले की अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि जाँच प्रक्रिया बिना किसी बाहरी दबाव के स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ती है या नहीं। POCSO मामलों में अंतरिम जमानत की दर पहले से ही कम रहती है — न्यायमूर्ति माधवी देवी का पीड़िता के बयान को केंद्र में रखना इस दिशा में न्यायपालिका की सतर्कता को दर्शाता है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंडी भागीरथ पर POCSO के तहत क्या मामला दर्ज है?
बंडी भागीरथ पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत एक मामला दर्ज है। विस्तृत आरोपों का खुलासा अदालती कार्यवाही में होगा; फिलहाल तेलंगाना पुलिस जाँच कर रही है।
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने अंतरिम सुरक्षा क्यों नहीं दी?
न्यायमूर्ति टी. माधवी देवी ने पीड़िता के बयान की समीक्षा के बाद कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे इस स्तर पर अंतरिम राहत देने के लिए इच्छुक नहीं हैं और अगले सप्ताह विस्तृत आदेश पारित करेंगी।
क्या बंडी भागीरथ को गिरफ्तार किया गया?
नहीं। केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि भागीरथ गिरफ्तार नहीं हुए। वे स्वयं दो वकीलों की उपस्थिति में हैदराबाद के पेट बशीरबाद पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए।
मंत्री बंडी संजय ने इस मामले में क्या कहा?
मंत्री ने एक्स पर लिखा कि कानून के समक्ष सभी समान हैं और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने लगातार यही कहा है कि उसने कोई गलती नहीं की, और परिवार जाँच में पूर्ण सहयोग कर रहा है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
न्यायमूर्ति माधवी देवी अगले सप्ताह अंतरिम जमानत याचिका पर विस्तृत आदेश पारित करेंगी। तब तक बंडी भागीरथ की कानूनी टीम उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखती रहेगी और तेलंगाना पुलिस की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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