नार्को किंगपिन नवप्रीत सिंह को 10 दिन की पुलिस हिरासत, तुर्किये से डिपोर्ट कर लाया गया भारत
सारांश
मुख्य बातें
कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को-ट्रैफिकिंग नेटवर्क का कथित मुखिया नवप्रीत सिंह को 3 अक्टूबर 2026 को राऊज एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली ने 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। तुर्किये से डिपोर्ट कर भारत लाए गए नवप्रीत सिंह पर अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी संचालित करने का आरोप है।
हिरासत में क्यों भेजा गया
दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि जाँच के सिलसिले में नवप्रीत सिंह को पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र ले जाना आवश्यक है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले से गिरफ्तार रमनदीप, गुरप्रीत और गुरजोत के साथ आमना-सामना पूछताछ (कन्फ्रंटेशन) भी की जानी है।
जाँच एजेंसियों के अनुसार, नवप्रीत सिंह इस कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का प्रमुख हैंडलर बताया गया है। आरोप है कि वह फर्जी पहचान के सहारे विदेश में रह रहा था और कथित तौर पर उसने 'नवाब विर्क' नाम की फर्जी पहचान के ज़रिए तुर्किये की नागरिकता भी हासिल की थी।
2021 के बड़े ड्रग मामले से कनेक्शन
नवप्रीत सिंह का नाम 2021 में दिल्ली में सामने आए एक बड़े ड्रग सिंडिकेट मामले में उजागर हुआ था। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, उस मामले में आरोपियों के कब्जे से करीब 355.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद होने की बात दर्ज है। जाँच में नवप्रीत सिंह को इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी और हैंडलर बताया गया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय के रिकॉर्ड में भी नवप्रीत सिंह को कथित ड्रग सिंडिकेट का मुख्य किंगपिन बताया गया था और उसके तुर्किये में होने का उल्लेख किया गया था।
पंजाब पुलिस की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
बाद की जाँच में पंजाब पुलिस ने भी तुर्किये स्थित कथित ड्रग नेटवर्क को नवप्रीत सिंह उर्फ 'नव' से जोड़ा था। जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की आपूर्ति श्रृंखला संचालित करता था — जो दक्षिण एशिया में मादक पदार्थों की तस्करी के सबसे सक्रिय मार्गों में से एक है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और तुर्किये के बीच प्रत्यर्पण और डिपोर्टेशन सहयोग पर काम तेज़ हुआ है। गौरतलब है कि कई फरार अपराधियों को हाल के वर्षों में विभिन्न देशों से वापस लाया जा चुका है।
आगे की जाँच
तुर्किये से डिपोर्ट कर भारत लाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस अब नवप्रीत सिंह से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सक्रिय सदस्यों, फंडिंग के स्रोतों और आपूर्ति मार्गों की पहचान करने में जुटी है। अगले 10 दिनों की हिरासत में मिली जाँच की रिपोर्ट यह तय करेगी कि इस मामले की आगे की परतें किस हद तक खुल पाती हैं।