नेशनल हेराल्ड केस: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनिया-राहुल को ईडी याचिका पर तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित अन्य प्रतिवादियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया। यह याचिका कथित नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है, जिसमें ट्रायल कोर्ट ने ईडी की अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था।
मामले की पृष्ठभूमि
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत ईडी की अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने से यह कहते हुए इनकार किया था कि यह कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है। ट्रायल कोर्ट का तर्क था कि पीएमएलए के तहत अभियोजन शिकायत किसी निजी शिकायत से उत्पन्न 'अनुसूचित अपराध' पर आधारित नहीं हो सकती।
ईडी ने इसी आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने पीएमएलए की व्याख्या में गंभीर भूल की है।
ईडी का कानूनी तर्क
ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी कि यदि ट्रायल कोर्ट की व्याख्या को बरकरार रखा जाता है, तो पीएमएलए 'बेकार और अनावश्यक' हो जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि पीएमएलए में मनी लॉन्ड्रिंग अपराध के पंजीकरण के लिए कोई विशिष्ट तरीका निर्धारित नहीं किया गया है — इसके लिए केवल किसी 'अनुसूचित अपराध' से जुड़ी आपराधिक गतिविधि का आरोप पर्याप्त है।
ईडी के अनुसार, किसी सक्षम अदालत द्वारा निजी शिकायत पर लिया गया संज्ञान पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के समान महत्व रखता है, और आपराधिक कार्यवाही पुलिस जाँच अथवा मजिस्ट्रेट के समक्ष निजी शिकायत — दोनों माध्यमों से शुरू की जा सकती है।
आरोपी पक्ष और प्रतिवादी
ईडी ने इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस ओवरसीज चीफ सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, संस्था यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाने का प्रस्ताव दिया है।
अदालत का रुख और अगली सुनवाई
जस्टिस मनोज जैन की सिंगल-जज बेंच ने ईडी की दलीलें सुनने के बाद माना कि मामले पर विचार आवश्यक है और सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। अब प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब रिकॉर्ड पर रखना होगा। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की गई है।
यह मामला उस व्यापक कानूनी विवाद का हिस्सा है जिसमें ईडी का आरोप है कि नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़ी संपत्तियों के हस्तांतरण में मनी लॉन्ड्रिंग की गई — एक आरोप जिसे कांग्रेस नेताओं ने शुरू से राजनीति से प्रेरित बताया है।