नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की कृपा के लिए इन प्रमुख मंदिरों में करें दर्शन
सारांश
Key Takeaways
- नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है।
- मां महागौरी को सफेद रंग प्रिय है।
- प्रमुख मंदिरों में दर्शन से मानसिक शांति प्राप्त होती है।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नवरात्रि के नौ दिनों में मां जगदम्बा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, और देश के हर देवी मंदिर में एक विशेष रौनक देखने को मिलती है।
नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी का पूजन किया जाता है, जिन्हें शांति, पवित्रता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। मां को सफेद रंग बेहद प्रिय है। अगर आप इस दिन मां की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो आप मां महागौरी को समर्पित इन तीन मंदिरों में दर्शन कर सकते हैं।
पंजाब के लुधियाना में मां महागौरी का एक प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर है, जो मनोकामना पूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहां नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की विशेष पूजा होती है और उन्हें सफेद व्यंजन व वस्त्र अर्पित किए जाते हैं। कहते हैं कि इस मंदिर में दर्शन मात्र से मन को शांति मिलती है और मानसिक विकारों से मुक्ति भी।
बिहार के गयाजी में भी मां महागौरी को समर्पित मंगला गौरी मंदिर स्थित है। यह मंदिर ५१ शक्तिपीठों में एक है और माना जाता है कि यहीं माता सती का वक्षस्थल गिरा था, जिसके बाद शक्तिपीठ की स्थापना हुई। यह मंदिर ६०० वर्ष से अधिक पुराना है, जहां मां की अखंड ज्योति जलती रहती है। खास बात यह है कि आज भी यहां बिजली का उपयोग नहीं होता, और सूर्य की रोशनी ही मंदिर और गर्भगृह को रोशन करती है। भक्तों के कष्ट हरने वाली देवी के रूप में मां मंगला गौरी की पूजा की जाती है, और चैत्र नवरात्रि में यहां भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ होती है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी मां महागौरी को समर्पित दो मंदिर हैं। एक मंदिर विश्वनाथ गली में अन्नपूर्णा मंदिर परिसर के पास है और दूसरा भेलूपुर में अस्सी घाट के समीप स्थित है। चैत्र नवरात्रि के समय दोनों मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी का विशेष शृंगार किया जाता है। इस दिन भक्त मां को सफेद वस्त्र अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते हैं।