क्या नववर्ष में शुभ कार्य करने से पहले जानना आवश्यक है ये ज्योतिष सलाह?

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क्या नववर्ष में शुभ कार्य करने से पहले जानना आवश्यक है ये ज्योतिष सलाह?

सारांश

नया साल 2026 का आगाज हो चुका है। जानिए क्यों खरमास में शुभ कार्यों से बचना जरूरी है और किस तरह से आप पूजा-पाठ और दान-पुण्य कर सकते हैं। इस नए साल में सकारात्मकता लाने के लिए विशेष ज्योतिष सलाह का पालन करें।

Key Takeaways

  • खरमास में शुभ कार्यों से बचें।
  • पूजा-पाठ और दान करना शुभ होता है।
  • सूर्य देव और भगवान शिव की विशेष पूजा करें।
  • दूसरों की मदद करें, इससे घर में सुख-शांति आती है।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नया साल 2026 का आगाज हो चुका है और हर कोई इसे नए उत्साह और सकारात्मकता के साथ मनाने की तैयारी में है। नए साल पर घर में पूजा-पाठ करना, धार्मिक अनुष्ठान करना या कोई शुभ कार्य आरंभ करना आम तौर पर सभी की योजना का हिस्सा होता है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार, इस बार नया साल खरमास में आ रहा है, जिससे कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।

खरमास के दौरान सूर्य धनु राशि में होते हैं, इसलिए इस समय विवाह, गृह प्रवेश, और नई दुकान या व्यवसाय आरंभ करने जैसे शुभ कार्यों से बचना चाहिए।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि आप कुछ भी नहीं कर सकते। केवल मांगलिक और सांसारिक उत्सवों पर रोक होती है। पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, जप-तप और दान-पुण्य करने के लिए यह समय अत्यंत शुभ माना जाता है।

इस दौरान सूर्य देव और भगवान शिव की विशेष पूजा अत्यंत लाभदायक होती है। सुबह-सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करके दिन की शुरुआत करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से सकारात्मकता और ऊर्जा में वृद्धि होती है। शाम को प्रदोष व्रत में भगवान शिव की विधिवत पूजा करें, मंत्रों का जाप करें और दीप, धूप, अक्षत, फल और मिठाई का भोग लगाएं।

दान करना इस समय बहुत फलदायक माना जाता है। आप जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, कंबल, घी, गुड़ या तिल जैसी चीजें दे सकते हैं। इससे आपके घर में सुख-शांति का वास होता है और जीवन में नकारात्मक ऊर्जा कम होती है। इसके साथ ही क्रोध, अहंकार और द्वेष जैसी भावनाओं को अपने मन में पनपने न दें।

याद रखें, इस समय विवाह, सगाई, नामकरण, गृह प्रवेश, नया व्यापार या दुकान शुरू करना, मकान या वाहन खरीदना टालें। ये कार्य खरमास में आरंभ करने से नुकसान और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खाने-पीने में भी तामसिक चीजों से बचें, जैसे अधिक तेल-मसाले, भारी और तली-भुनी चीजें कम खाएं।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी प्रदान करें। नववर्ष का समय हर किसी के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है, लेकिन यह जरूरी है कि हम धार्मिक और ज्योतिषीय पहलुओं को भी समझें। यह सलाह न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

खरमास क्या होता है?
खरमास वह समय होता है जब सूर्य धनु राशि में होता है, और इस दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
नए साल में पूजा-पाठ का क्या महत्व है?
नए साल में पूजा-पाठ से सकारात्मकता और ऊर्जा में वृद्धि होती है, जो जीवन में सुख-शांति लाने में मदद करती है।
दान करना क्यों आवश्यक है?
दान करने से न केवल जरूरतमंदों की मदद होती है, बल्कि इससे घर में सुख-शांति भी बनी रहती है।
खरमास में कौन से कार्य नहीं करने चाहिए?
खरमास में विवाह, गृह प्रवेश, और नए व्यापार शुरू करने जैसे कार्यों से बचना चाहिए।
खरमास में क्या खाना चाहिए?
खरमास में तामसिक चीजों से बचना चाहिए और हल्का भोजन करना चाहिए।
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