एनसीपी (एसपी) के एनडीए में शामिल होने पर भाजपा विधायक संजय उपाध्याय बोले — फैसला पार्टी का अधिकार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय उपाध्याय ने 16 जुलाई को मुंबई में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) [एनसीपी (एसपी)] के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में संभावित शामिल होने, महादेव बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई, हैदराबाद के एक स्कूल में कथित 'कलमा होमवर्क' विवाद और जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग — इन चारों विषयों पर खुलकर बात की।
एनसीपी (एसपी) और एनडीए: फैसला पार्टी का
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के एनडीए में शामिल होने की मीडिया में चल रही अटकलों पर संजय उपाध्याय ने कहा कि इस विषय पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार पूरी तरह उस राजनीतिक दल का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले का बयान उनकी पार्टी का आधिकारिक रुख है। उपाध्याय ने कहा, 'एनडीए के साथ जाना है या इंडिया गठबंधन में बने रहना है — यह निर्णय पूरी तरह एनसीपी (एसपी) के पार्टी नेतृत्व का अधिकार है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि समय आने पर सभी बातें सार्वजनिक हो जाएंगी।
महादेव बेटिंग ऐप: ईडी कार्रवाई पर BJP का रुख
महादेव बेटिंग ऐप मामले में ईडी की हालिया कार्रवाई पर संजय उपाध्याय ने कहा कि इस ऐप और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच संबंधों की चर्चा पहले भी होती रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कदम उठा रही है और हाल की कार्रवाई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका है। उपाध्याय ने यह भी कहा कि महादेव बेटिंग ऐप से जुड़ा कोई भी दोषी व्यक्ति कानून की पकड़ से नहीं बच पाएगा।
हैदराबाद कलमा होमवर्क विवाद: कड़ी कार्रवाई की मांग
हैदराबाद के एक स्कूल में कथित तौर पर किसी छात्र को 'कलमा' पढ़ने का होमवर्क दिए जाने के विवाद पर संजय उपाध्याय ने इसे पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिक्षक या स्कूल प्रबंधन ने ऐसा किया है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए संबंधित शिक्षक और स्कूल प्रशासन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
अनुच्छेद 370 बहाली: 'दिन में सपना देखना'
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बयानों पर उपाध्याय ने कहा कि यह 'दिन में सपने देखने' जैसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया है और इसे दोबारा लागू करने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। उनके अनुसार, अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर देश की मुख्यधारा से पूरी तरह जुड़ गया है और वहाँ के नागरिकों को देश के अन्य नागरिकों के समान अधिकार प्राप्त हुए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन समीकरण लगातार बदल रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। आने वाले दिनों में एनसीपी (एसपी) के रुख पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।