कोच्चि गैंगरेप: NCW ने केरल पुलिस से 7 दिनों में रिपोर्ट माँगी, DGP को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 6 अक्टूबर 2026 को कोच्चि के कलामासेरी में एक महिला के साथ कथित तौर पर मादक पदार्थ देकर किए गए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में केरल पुलिस से सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल, निष्पक्ष और व्यापक जाँच की माँग की है।
मामले का विवरण
बताया जाता है कि यह घटना कथित तौर पर 2 अक्टूबर को हुई, जब पीड़िता को स्पा मैनेजर की नौकरी दिलाने का झाँसा देकर फँसाया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, हमले के दृश्य रिकॉर्ड भी किए गए थे। NCW ने इसे 'बेहद परेशान करने वाली' घटना बताया है।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब केरल में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि NCW पिछले महीने भी केरल के पलक्कड़ जिले के अट्टापडी में एक महिला और एक बच्चे की कथित हत्या के मामले में राज्य पुलिस से रिपोर्ट माँग चुका है।
NCW अध्यक्ष की माँगें
NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने केरल के पुलिस महानिदेशक रावड़ा आजाद चंद्रशेखर को पत्र लिखकर निम्नलिखित की माँग की है:
सभी आरोपियों की तत्काल पहचान और गिरफ्तारी; डिजिटल साक्ष्यों का संरक्षण और फोरेंसिक जाँच; हमले के दृश्य रिकॉर्ड करने या प्रसारित करने में शामिल व्यक्तियों की पहचान; और कथित नौकरी के प्रस्ताव की विस्तृत जाँच। रहाटकर ने फर्जी रोजगार प्रस्तावों के जरिए महिलाओं को निशाना बनाने वाले किसी भी संगठित नेटवर्क की जाँच की भी सिफारिश की है।
पीड़िता के लिए सहायता की माँग
आयोग ने केवल दोषियों पर कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा। NCW ने पीड़िता के लिए निरंतर चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक देखभाल, कानूनी सहायता, पीड़ित सहायता सेवाएँ और सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी माँग की है।
रहाटकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'प्रत्येक महिला की गरिमा, शारीरिक स्वायत्तता, निजता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।'
केरल में NCW का हस्तक्षेप का क्रम
यह दूसरी बार है जब NCW ने हाल के हफ्तों में केरल में महिलाओं से जुड़े गंभीर अपराधों पर सीधे हस्तक्षेप किया है। पलक्कड़ के अट्टापडी मामले में रिपोर्टों के अनुसार पीड़ितों के शव के अंग बोरियों में भरकर भवानी नदी के किनारे पाए गए थे — उस मामले में भी आयोग ने केरल पुलिस से रिपोर्ट माँगी थी।
आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामलों में केंद्रीय संस्थाओं का बार-बार हस्तक्षेप राज्य स्तर पर महिला सुरक्षा तंत्र की खामियों को उजागर करता है।
आगे क्या होगा
केरल पुलिस को सात दिनों के भीतर NCW को कार्रवाई रिपोर्ट सौंपनी होगी। जाँच की दिशा, आरोपियों की गिरफ्तारी की स्थिति और डिजिटल साक्ष्यों की बरामदगी इस मामले के अगले महत्वपूर्ण पड़ाव होंगे।